आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : गाजा के अहली अरब सिटी हॉस्पिटल पर मंगलवार रात को हुए रॉकेट अटैक में 500 लोगों की मौत हो गई। इजराइली डिफेंस फोर्स ने बुधवार को कहा- ये हमला फिलिस्तीनी संगठन इस्लामिक जिहाद ने किया है।

इजराइल ने एक वीडियो जारी कर कहा कि फिलिस्तीनी संगठन इस्लामिक जिहाद (PIJ) के लड़ाके ही हॉस्पिटल के पास हमला कर रहे थे। उनका एक रॉकेट दिशा भटककर अस्पताल पर गिर गया। हालांकि, हमास ने दावा किया है कि हमला इजराइल ने किया।

पहले भी मिसफायर हो चुके PIJ के रॉकेट

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले भी फिलिस्तीन इस्लामिक जिहाद (PIJ) के रॉकेट मिसफायर होकर गाजा में ही गिर चुके हैं। 2022 में PIJ का एक रॉकेट मिसफायर हुआ था। तब 16 लोगों की मौत हुई थी। इजराइली सेना के मुताबिक PIJ की तरफ से दागे जाने वाले 18% रॉकेट मिसफायर ही होते हैं। 10 मई 2023 को PIJ के रॉकेट ने 4 फिलिस्तीनियों की जान ले ली थी। इनमें से 3 बच्चे थे।

तस्वीरों में देखें गाजा के हॉस्पिटल पर रॉकेट हमले की तस्वीरें…

कब्रिस्तान से दागा गया रॉकेट अस्पताल में गिरा

इजराइली सेना ने एक फोन कॉल रिकॉर्डिंग रिलीज की है। इसमें दो हमास ऑपरेटिव अस्पताल पर हुए हमले को लेकर बात कर रहे हैं। इसमें वो कह रहे हैं कि इस्लामिक जिहाद ने करीब 10 रॉकेट अस्पताल के पास बने कब्रिस्तान से दागे। इनमें से एक मिसफायर हो गया।

ऑडियो क्लिप में एक हमास ऑपरेटिव दूसरे से कहता है- ये हमारी तरफ से दागे गए रॉकेट से हुआ है? जवाब में दूसरा ऑपरेटिव कहता है- लगता तो ऐसा ही है। क्योंकि रॉकेट के जो टुकड़े मिले हैं वो इजराइली मिलिट्री के नहीं है।

1981 में बना फिलिस्तीन का इस्लामिक जिहाद संगठन

फिलिस्तीन इस्लामिक जिहाद संगठन फिलिस्तीन में हमास के बाद दूसरा सबसे बड़ा आतंकी संगठन है। इसे 1981 में बनाया गया था। इसकी शुरुआत मिस्त्र में पढ़ने वाले फिलिस्तीनी लड़कों ने की थी। ये वेस्ट बैंक, गाजा और इजराइल के कब्जे वाले इलाकों में फिलिस्तीन का कब्जा चाहता है।

इजराइल इस संगठन को ईरान का साथी बताता है। जो इजराइल को तबाह कर देना चाहते हैं। इस्लामिक जिहाद संगठन फिलिस्तीन को आजादी दिलाने वाले दूसरे बड़े संगठनों की तुलना में छोटा है। इसे ईरान से फंडिंग मिलती है।

अमेरिका और इजराइल हमास और इस्लामिक जिहाद को आतंकी संगठन मानते हैं। मई 2023 में इजराइली सेना ने इस्लामिक जिहाद के टॉप मिसाइल कमांडर अली हसन गली उर्फ अबु मुहम्मद को मारा गिराया था।

ईरान PIJ को हर साल 1.2 हजार करोड़ रुपए देता है

ईरान फिलिस्तीन इस्लामिक जिहाद के आतंकियों को ट्रेनिंग के साथ-साथ पैसे भी मुहैया करता है। हालांकि, इस गुट के लिए हथियार लोकल लेवल पर ही तैयार किए जाते हैं।

अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के मुताबिक,1988 में ईरान ने अपने सालाना बजट से PIJ को 2 मिलियन डॉलर, यानी 16 करोड़ रुपए दिए थे। तब से ईरान लगातार PIJ के लिए अपनी फंडिंग बढ़ाता जा रहा है। 2013 के अंत में कट्टरपंथी समूह को ईरान से हर महीने लगभग 3 मिलियन डॉलर, यानी 24 करोड़ रुपए मिले।

सेंटर फॉर ईरानियन स्टडीज इन लंदन के निदेशक अली नूरीजादेह ने फरवरी 2014 की अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि ईरान PIJ को हर साल 100 से 150 मिलियन डॉलर, यानी 793 करोड़ रुपए से 1.2 हजार करोड़ रुपए की सहायता देता है।

जनवरी 2016 सऊदी अरब को लेकर हुए मतभेद के चलते ईरान ने PIJ की फंडिंग में 90% की कटौती कर दी। हालांकि, मई 2016 में ईरान ने PIJ को फिर से सहायता देनी शुरू कर दी। जून 2020 में कतर पर भी PIJ को फंडिंग करने के आरोप लगे थे।