आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है कि I.N.D.I.A अलायंस आम चुनाव में एक सीट एक उम्मीदवार की स्ट्रैटजी पर काम कर रहा है। अगर ऐसा 450 सीटों पर भी हो सका तो बड़ी सफलता होगी। इसी कारण मोदी सरकार इस अलायंस से घबराई हुई है। सिंघवी ने देश की राजनीति, I.N.D.I.A अलायंस और कांग्रेस को लेकर बातचीत की।
बातचीत के प्रमुख अंश-
सवाल: संसद में दिल्ली सेवा विधेयक पर बहस के दौरान आपके बयान पर जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में ही लंबित था और फिर भी दिल्ली सरकार ने आदेश पर कार्रवाई शुरू कर दी। आप इस पर क्या कहेंगे।
जवाब: मैं समझता हूं कि यह मुद्दा पूरी तरह संदर्भ से बाहर है, और इसका कोई औचित्य नहीं। जब 5 जज की खंडपीठ एक निर्णय देती है तो वो कानून तुरंत देशभर में लागू हो जाता है। वो घोषणा आर्टिकल 141, 142 के अंतर्गत पूरे देश में, हर व्यक्ति पर, संस्था पर लागू हो जाती है। अगर कोई उसका अनुपालन करता है तो उस पर आप आरोप कैसे लगा सकते हैं।
यह तो एक अजीब बात हो गई। इसके उलट सच्चाई यह है कि पांच जज का निर्णय 11 मई को आया। 17 मई को केंद्र सरकार की कैबिनेट ने अध्यादेश अप्रूव किया, फिर वो दो दिन रुके और 19 मई की शाम को घोषणा की। इसका एक ही मकसद था कि 19 मई की शाम के बाद सिर्फ वैकेशन कोर्ट ही काम करने वाली थी।
गृह मंत्री ने अपने जवाब में संसद में कहा कि जब वैकेशन कोर्ट थी तो दिल्ली सरकार वहां क्यों नहीं गई।
उनको भलीभांति मालूम है कि निर्णय 5 जज की खंडपीठ का था। वैकेशन बेंच में खंडपीठ का कोई भी जज नहीं था। इसलिए यह तो उल्टा चोर कोतवाल को डांटे से भी ज्यादा बुरी दलील हुई।
सवाल: आम आदमी पार्टी का पटना में I.N.D.I.A के बैनर तले संयुक्त बयान देने से दूर रहने का मुख्य कारण दिल्ली सेवा विधेयक पर राज्यसभा में AAP का समर्थन करने में कांग्रेस की अनिच्छा थी, जो अंततः उसने किया। आप कांग्रेस और AAP की साझेदारी को आगे बढ़ते हुए कैसे देखते हैं? अमित शाह ने कहा है कि आम आदमी पार्टी अब किसी भी समय I.N.D.I.A से दूर चली जाएगी।
जवाब: यह बिल्कुल गलत धारणा है कि कांग्रेस ने कभी भी AAP का समर्थन करने से मना किया था। कांग्रेस ने सिर्फ यह कहा था कि हम वोटिंग के हफ्ते, दो हफ्ते पहले फैसला करेंगे। औपचारिक रूप से यह घोषणा अध्यक्ष महोदय ने भी की है, और कांग्रेस पार्टी ने भी की।
केजरीवाल जी शुरुआत में एक-डेढ़ महीने पहले घोषणा की मांग कर रहे थे। उसके उत्तर में बड़ी विनम्रता से हमने कहा था कि अभी समय बाकी है और हम तभी करेंगे जब संसद सत्र शुरू होगा। जब सत्र शुरू हुआ तो उसके काफी पहले स्पष्ट रूप से यह घोषणा कर दी गई।
उसके बाद I.N.D.I.A अलायंस की दो मीटिंग भी हो गईं। निश्चित रूप से इस I.N.D.I.A अलायंस से बौखलाकर सरकार और BJP मिथ्या प्रचार कर रही है।