सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में आज 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार घोषित किया जाएगा। इस साल कुल 338 उम्मीदवार हैं, जिनमें 244 व्यक्ति और 94 संगठन शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस बार सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। ट्रम्प का दावा है कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान समेत सात युद्ध रोकने में भूमिका निभाई, इसलिए उन्हें यह पुरस्कार मिलना चाहिए।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रम्प की जीत की संभावना कम है। अन्य दावेदारों में पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान, टेस्ला के CEO इलॉन मस्क, मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम और पोप फ्रांसिस शामिल हैं। विजेता को 11 मिलियन स्वीडिश क्रोना (लगभग 10.3 करोड़ रुपए), सोने का मेडल और सर्टिफिकेट मिलेगा। यदि एक से अधिक लोग पुरस्कार जीतते हैं, तो राशि साझा की जाएगी।
पाकिस्तान और इजराइल दोनों ने ट्रम्प को नोमिनेट किया। पाकिस्तान का कहना है कि ट्रम्प ने सीजफायर में मदद की, जबकि इजराइल ने ईरान से जंग रोकने में योगदान के लिए उन्हें नॉमिनेट किया।
ट्रम्प ने 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद संभाला था, जबकि नामांकन की आखिरी तारीख 31 जनवरी थी, इसलिए इस बार उनकी दावेदारी कमजोर मानी जा रही है। हालांकि, गाजा सीजफायर के स्थायी होने पर उनकी दावेदारी अगले साल मजबूत हो सकती है।
इतिहास में महात्मा गांधी को पांच बार नोबेल के लिए नॉमिनेट किया गया था, लेकिन उन्हें कभी पुरस्कार नहीं मिला। 1948 में गांधी की हत्या के कारण उस साल नोबेल शांति पुरस्कार किसी को नहीं दिया गया।
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