सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /   आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल  /   नई दिल्ली  : टाटा कैपिटल अक्टूबर के पहले पखवाड़े में अपना बहुप्रतीक्षित आईपीओ लाने जा रही है। यह आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का चौथा सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू होगा। इससे पहले हुंडई (27,870 करोड़), एलआईसी (21,000 करोड़) और पेटीएम (18,300 करोड़) जैसे बड़े आईपीओ हुए हैं।

टाटा कैपिटल का आईपीओ 2 अरब डॉलर यानी लगभग 17,000 करोड़ रुपये का होगा। कंपनी इस आईपीओ के जरिए 18 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर 2 अरब डॉलर जुटाने की योजना बना रही है। अप्रैल में जब कंपनी ने आईपीओ दस्तावेज दाखिल किए थे, तब उसका वैल्यूएशन 11 अरब डॉलर था।

यह आईपीओ, टाटा टेक्नोलॉजीज के पिछले आईपीओ से 5 गुना बड़ा होगा। अगर यह सफल रहा, तो यह भारत के वित्तीय क्षेत्र का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बन जाएगा। इस इश्यू में टाटा संस 23 करोड़ शेयर बेचेगा, जबकि इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन 3.58 करोड़ शेयर बेचेगी। वर्तमान में, टाटा संस के पास टाटा कैपिटल का 88.6% हिस्सेदारी है, और इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन  के पास 1.8% हिस्सेदारी है।

टाटा कैपिटल का आईपीओ टियर-1 पूंजी बढ़ाने और लोन ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए जारी किया जाएगा। यह नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी टाटा समूह की दूसरी बड़ी लिस्टिंग होगी। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि इस आईपीओ के सफल होने से शेयर बाजार में टाटा कैपिटल की मजबूत स्थिति बन सकती है और निवेशकों को लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद है।

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