आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इजराइल-हमास के बीच जंग का असर भारत के पर्यटन पर भी पड़ रहा है। पीक टूरिज्म सीजन से ठीक पहले इजराइली पर्यटक भारत आने का प्लान कैंसिल कर रहे हैं, दूसरी तरफ यहां पहले से मौजूद पर्यटक अपना स्टे जल्द जल्द खत्म करना चाहते हैं। अपनी बैकपैकर इमेज के लिए जाने वाले इजराइली पर्यटकों के लिए हिमाचल का मैक्लोडगंज का धर्मकोट और पार्वती वैली का कसोल पसंदीदा स्थान है।
हिमाचल के DGP संजय कुंडू ने बताया कि 7 अक्टूबर को जब हमास ने इजराइल पर आतंकी हमला किया तो उस दिन हिमाचल के कुल्लू, मंडी और कांगड़ा जिला में 483 इजराइली टूरिस्ट थे। इनको उसी समय अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया करवा दी थी। अब इनमें से अधिकतर इजराइल बाप लौटना शुरू हो गए हैं।
छुट्टी मनाने हिमाचल आते हैं इजराइली पर्यटक
धर्मशाला हो या कसोल ये सभी इजरायलियों की सबसे पसंदीदा जगह मानी जाती है। अधिकतर इजराइली युवा अपनी अनिवार्य सैन्य ट्रेनिंग पूरी होने के बाद भारत छुट्टी मनाने आते हैं, लेकिन जब से हमास के हमले की खबर आई है, हिमाचल के धर्मशाला में मौजूद इजराइली अब जल्द से जल्द वापस वतन लौटना चाहते हैं। नतीजा ये कि जहां उन्होंने यहां महीनों बिताने का फैसला किया था, वहीं वे अब सिर्फ कुछ दिनों में अपना टूर खत्म कर रहे हैं।
50,000 इजराइली पर्यटकों के आने की उम्मीदें
संख्या की बात करें तो इस साल करीब 50,000 इजराइली पर्यटकों के आने की उम्मीद थी जिसमें करीब 50% अक्टूबर से दिसंबर के बीच आते हैं। अब अचानक से बड़े इजराइली ग्रुप्स अपना प्लान कैंसिल कर रहे हैं। उनके इस कदम से हिमाचल के पर्यटन उद्योग पर झटका लगेगा। यह बड़ा झटका है क्योंकि इजराइली पर्यटक लंबे समय के लिए आते हैं, कुछ तो 6-6 महीने के लिए भारत आते हैं।
ट्रैवल एजेंट प्रेम सागर ने बताया कि इजराइली ग्रुप्स ने आगामी महीने की एडवांस की बुकिंग कैंसिल करवाना शुरू कर दी है।
लड़ाई का बिजनेस पर पड़ेगा असर
धर्मकोट निवासी एवं मैक्लोडगंज व्यापार मंडल के प्रेजिडेंट नरेंदर पठानिया ने कहा कि इजराइल में यह जो नरसंहार हुआ इससे हम सभी आहत हैं। इस दुख की घड़ी में हमारा समर्थन इजराइल के साथ है। इस लड़ाई का असर यहां के बिजनेस पर भी पड़ेगा। आने वाले समय भी कम इजराइली पर्यटक आएंगे। धर्मकोट को पहाड़ियों का तेल अवीव’ के रूप में जाना जाता है।
यह हिमाचल का एकमात्र गांव है जहां यहूदी सामुदायिक केंद्र है चबाड हाउस (चबाड हाउस इजराइली पर्यटकों के लिए सभी सुविधाएं प्रदान करता है और पूजा स्थल के रूप में कार्य करता है।) जो धर्मकोट गांव के बीच में स्थित है और 770 ईस्टर्न पार्कवे जैसा दिखता है।