आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इजराइल 7 अक्टूबर को हुए हमास के हमले में शामिल एक-एक लड़ाके को मार देगा। इसके लिए इजराइली इंटेलिजेंस एजेंसी शिन बेट ने नई यूनिट बनाई है।
इस यूनिट का नाम ‘निली’ रखा गया है। ये एक हिब्रू शब्द है। इस यूनिट में फील्ड ऑपरेटर और सीक्रेट एजेंट्स दोनों ही शामिल हैं।
द यरुशलम पोस्ट के मुताबिक, ये यूनिट खासतौर पर नुखबा (हमास की मिलिट्री के अंदर एक स्पेशल कमांडो यूनिट) के सदस्यों को टारगेट करने के लिए शुरू की गई है।
हमास ठिकानों पर हमले
7 अक्टूबर को हुए हमले के बाद से ही इजराइल हमास के ठिकानों को तबाह कर रहा है। ऐसा इसलिए भी किया जा रहा है ताकि जमीनी हमले का रास्ता साफ हो सके और हमले के दौरान इजराइली सैनिकों की जान न जाए।
इजराइल ने हमास को जड़ से उखाड़ने का प्लान भी तैयार किया है। ये 3 चरण में होगा। फिलहाल जंग पहले चरण में है। इसमें हमास के ठिकानों को तबाह किया जा रहा है। दूसरे चरण में सैनिक छोटे-छोटे ऑपरेशन जारी रखते हुए हमास के सीक्रेट एजेंट्स को भी खत्म कर देंगे। इसके बाद तीसरे चरण में गाजा में नई सुरक्षा व्यवस्था बनाएं।
शिन बेट आंतरिक सुरक्षा एजेंसी है
शिन बेट आतंरिक सुरक्षा मामलों की जिम्मेदारी संभालने वाली इंटेलिजेंस एजेंसी है। ये दुनिया की सबसे शानदार खुफिया एजेंसी में शुमार मोसाद की तरह ही है। फर्क सिर्फ इतना है कि शिन बेट देश के अंदर दुश्मनों का खात्मा करती है और मोसाद इजराइल के बाहर यानी दूसरे देश में घुसकर अपने दुश्मनों को उठा लाती है।
नुखबा यूनिट ने 1400 इजराइलियों की जान ली
हमास ने दावा किया था कि उसने 7 अक्टूबर को इजराइल पर 5 हजार रॉकेट दागे थे। इसमें 1400 से ज्यादा इजराइलियों की मौत हुई। 5 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए।
नुखबा यूनिट ने इजरायल में घुसपैठ की थी। कई गांवों और मिलिट्री पोस्ट पर हमले किए थे और लोगों की हत्याएं की थी। इसके बाद इस यूनिट के सदस्य गाजा पट्टी पर लौट आए थे। अब शिन बेट की नई यूनिट निली हमला करने वाले एक-एक हमास लड़ाके को ट्रैक करेगी फिर उन्हें मार देगी।
शिन बेट ने हमले को लीड करने वाले हमास कमांडर को मारा गिराया
14 अक्टूबर को इजराइली सेना ने बताया कि उन्होंने 7 अक्टूबर को इजराइल पर हुए हमले को लीड करने वाले कमांडर अली कादी को मार गिराया। अली कादी को मारने का काम इजराइल की इंटरनल इटेलीजेंस एजेंसी शिन बेत ने किया। इसके अलावा किबुत्ज नीरिम और किबुत्ज नीर ओज में हमला करने वाला कमांडर और हमास का एयरफोर्स हेड मुराद अबु मुराद भी इजराइली हमले में मारा गया है।
हमास को कमजोर समझा, इसलिए चूक गई इंटेलिजेंस एजेंसी
डिफेंस और इंटेलिजेंस के मामले में इजराइल दुनियाभर में मशहूर है। एक साथ 6 अरब देशों को जंग के मैदान में मात देने वाला इजराइल। यहूदियों के जनसंहार के जिम्मेदार अडोल्फ आईकमैन को अर्जेंटीना से अगवा कर लाने वाला इजराइल, आखिर 7 अक्टूबर 2023 की सुबह अपने देश पर होने वाले इतने बड़े हमले को कैसे नहीं भांप पाया? दुनिया की टॉप इंटेलिजेंस एजेंसी से कहां और कैसे चूक हुई?
इस पर इजराइल सरकार के अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर भास्कर से कहा- मोसाद , शिन बेट और अमन इस गलतफहमी के शिकार हो गए की हमास काफी कमजोर हो चुका है और ईरान, जो हमास का सबसे बड़ा समर्थक है, वो चुप बैठा है।
वहीं, एक डिप्लोमैट ने बताया कि 2020 में इजराइल और 2 अरब देशों के बीच एक समझौता हुआ था। इसके तहत फिलिस्तीन के समर्थक रहे UAE और बहरीन ने इजराइल से संबंध सुधारने की शुरुआत की थी। इसके लिए अमेरिका ने मध्यस्थता कराई थी, जिसे अब्राहम एकॉर्ड के नाम से जानते हैं। तब ये माना गया था कि और भी अरब देश इस समझौते में शामिल होंगे। इसका असर ये हुआ कि मोसाद और इजराइल के बाकी खुफिया एजेंसी ये मान बैठे की अब हमास के समर्थक घटने की वजह से उससे कम खतरा रहेगा।