आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इजराइल और हमास के बीच जारी जंग का आज 19वां दिन है। इस बीच हमास के एक सीनियर लीडर खालिद मेशाल ने कहा है कि वो इजराइल से पकड़े गए लोगों को तभी रिहा करेंगे, जब गाजा पर हमले रुक जाएंगे। मेशाल ने ये भी बताया है कि इजराइल के हमलों में अब तक 22 बंधकों की मौत हो चुकी है।
स्काई न्यूज को दिए इंटरव्यू में मेशाल ने कहा- अगर नेतन्याहू, अमेरिका और यूरोप को अपने नागरिकों की चिंता है तो उन्हें इजराइल को हमला करने से रोकना चाहिए। इसके बाद ही कतर, मिस्र जैसे दूसरे अरब देश मध्यस्थता करवाकर बंधकों को छुड़वा सकेंगे।
इजराइल की सेना ने दावा किया है कि उसने गाजा पट्टी पर हवाई हमले में हमास के उत्तरी खान यूनिस बटालियन के कमांडर तैसीर मुबाशेर को मार गिराया है। इससे पहले इजराइली सेना ने मंगलवार रात को सीरिया के मिलिट्री बेस पर हमले किए। सीरिया ने कहा है कि इसमें उनके 8 सैनिकों की मौत हुई है। IDF ने बताया है कि सीरिया की तरफ से गोलन हाइट्स में इजराइली समुदाय पर रॉकेट दागे गए थे, जिसके बाद उन्होंने ये कार्रवाई की।
UN चीफ की सीजफायर की मांग से नाराज इजराइल
दूसरी तरफ, UN में इजराइल के एम्बेसडर गिलाद इरदान ने बताया है कि इजराइल UN अधिकारियों को वीजा नहीं देगा। इरदान ने बताया- हमने पहले ही मानवीय मामलों के अधिकारी मार्टिन ग्रिफिथ्स को वीजा देने से इनकार कर दिया है।
दरअसल, इजराइल UN चीफ एंटोनियो गुटेरेस के बयान से नाराज हैं। मंगलवार को गुटेरेस ने कहा था- फिलिस्तीनी इस जंग में जो सह रहे हैं, उसके बावजूद भी हमास के हमलों को सही नहीं ठहराया जा सकता। इसी तरह हमास के हमलों की सजा सभी फिलिस्तीनियों को मिलना भी सही नहीं है।
गुटेरेस के इस बयान के बाद इजराइली प्रतिनिधि ने उनके इस्तीफे की मांग की थी। अमेरिका ने भी कहा कि वो अभी सीजफायर के समर्थन में नहीं है, क्योंकि इससे हमास को ही फायदा होगा।
अल-अमल अस्पताल पर इजराइल ने एयरस्ट्राइक की
अलजजीरा के मुताबिक, इजराइल ने मंगलवार को गाजा के खान यूनिस में रेड क्रिसेंट के हेडक्वार्टर और अल-अमल अस्पताल पर एयरस्ट्राइक की। यहां करीब 4 हजार फिलिस्तीनियों ने पनाह ले रखी है। हालांकि, इस हमले में कितने लोग मारे गए हैं, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
गाजा में फ्यूल की कमी, 6 अस्पताल बंद
वहीं वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने कहा है कि फ्यूल की कमी के चलते गाजा के 6 हॉस्पिटल बंद करने पड़े हैं। इनमें एक हजार लोग डायलिसिस पर हैं, जबकि 130 प्रीमैच्योर बच्चे हैं। अगर हालात नहीं सुधरे तो ICU में मौजूद दूसरे अस्पतालों के मरीजों की जान जा सकती है।
गाजा में अब तक राहत सामग्री लेकर कुल 54 ट्रक पहुंचे हैं। परेशानी की बात यह है कि इनमें से किसी में भी फ्यूल नहीं था। दवाइयां और फूड आयटम्स के साथ ही पानी भेजा गया है। 250 ट्रक इस हफ्ते पहुंचेंगे, लेकिन इनमें पेट्रोल और डीजल भेजा जाएगा या नहीं, ये बात साफ नहीं है।