आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इजराइल जल्द ही गाजा पर जमीनी हमला करने वाला है। इसके पहले उसने लोगों से गाजा खाली करने के लिए कहा है। अस्पतालों को खाली करने की बात भी कही है। इजराइली सेना का कहना है कि वो यहां बमबारी करेंगे।
दरअसल, इजरइली सेना ने नॉर्थ गाजा में रह रहे लोगों से साउथ गाजा की तरफ जाने के लिए कहा है। ऐसे में मरीजों को भी अस्पताल से हटाना है। लेकिन डॉक्टर्स का कहना है कि वो मरीजों को छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे। न ही अस्पताल खाली नहीं करेंगे। क्योंकि मरीजों को री-लोकेट करना नामुकिन है। इन्हें गाजा में ही दूसरे सुरक्षित अस्पतालों में भी जगह नहीं मिल पाएगी, क्योंकि किसी भी अस्पताल में जगह नहीं है।
गाजा में 22 अस्पताल हैं। यहां 2 हजार से ज्यादा मरीज भर्ती हैं। गाजा के सबसे बड़े अल शीफा हॉस्पिटल में 70 पेशेंट्स वेंटिलेटर पर हैं। इजराइली हमले में घायल सैकड़ों लोग भी हर घंटे अस्पताल पहुंच रहे हैं।
इधर, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) का कहना है कि गाजा के अस्पतालों में भर्ती मरीजों को अस्पताल खाली के लिए मजबूर करना मृत्युदंड जैसा है।
गाजा में रह रहे लोगों के पास कोई और रास्ता नहीं
इजराइल का कहना है कि वो बड़े हमले से पहले उत्तरी गाजा को खाली कराना चाहता है ताकि लोगों को नुकसान न पहुंचे। लेकिन इसने गाजा में रह रहे लोगों के सामने कोई विकल्प नहीं बचा है। क्योंकि गाजा में रुके तो हमले में मारे जाएंगे और घर छोड़ा तो कहां रहेंगे इसका पता नहीं। ऐसे में कुछ लोगों की कहना है कि वो अपने घर खाली नहीं करेंगे और जान देनी पड़ी तो अपने घर में ही जान दे देंगे।।
UN बोला- गाजा के अस्पतालों में 24 घंटे की इमरजेंसी बिजली बची
UN का कहना है कि गाजा में न तो पानी है न ही बिजली, सिर्फ बमबारी हो रही है। सब कुछ लगभग तबाह हो गया। वहां के हालात जिंदगी और मौत का सवाल बन गए हैं।
दरअसल, 10 अक्टूबर को इजराइल ने गाजा की तरफ वाटर और इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई को रोक दिया था। इससे वहां पानी खत्म होने की कगार पर है। UN ने कहा है कि इससे 20 लाख लोगों की जिंदगी दांव पर लगी है। वहां के अस्पतालों में 24 घंटे की इमरजेंसी इलेक्ट्रिसिटी बची है। इसके बाद अस्पतालों में रखे इक्यूपमेंट्स काम करना बंद कर देंगे। इससे पेशेंट्स की जिंदगी को खतरा है।
इजराइल और फिलिस्तीन के बीच क्यों है विवाद
मिडिल ईस्ट के इस इलाके में यह संघर्ष कम से कम 100 साल से चला आ रहा है। यहां वेस्ट बैंक, गाजा पट्टी और गोलन हाइट्स जैसे इलाकों पर विवाद है। फिलिस्तीन इन इलाकों समेत पूर्वी यरुशलम पर दावा जताता है। वहीं, इजराइल यरुशलम से अपना दावा छोड़ने को राजी नहीं है।
गाजा पट्टी इजराइल और मिस्र के बीच में है। यहां फिलहाल हमास का कब्जा है। ये इजराइल विरोधी समूह है। सितंबर 2005 में इजराइल ने गाजा पट्टी से अपनी सेना वापस बुला ली थी। 2007 में इजराइल ने इस इलाके पर कई प्रतिबंध लगा दिए। फिलिस्तीन का कहना है कि वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी में स्वतंत्र फिलिस्तीन राष्ट्र की स्थापना हो।