भोपाल। केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितीन गड़करी के पत्र से सरकार और परिवहन विभाग में हड़कम मच गया है। 16 जुलाई को मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस को केन्द्रीय मंत्री ने पत्र भेजकर म.प्र. की सीमाओं में परिवहन विभाग द्वारा एंट्री और अवैध वसूली को लेकर सख्त कार्यवाही करने पत्र लिखा था। इस पत्र की कॉपी मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री को भी भेजी थी।

नितीन गड़करी का पत्र मिलते ही शासन स्तर पर हड़कम मच गया। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री के निर्देश पर तुरन्त परिवहन आयुक्त मुकेश जैन को हटाकर उनके स्थान पर संजय कुमार झा को परिवहन आयुक्त बनाने के आदेश जारी किये गए।

जारी आदेश की प्रतियां त्वरित रूप से केन्द्रीय मंत्री को भेजकर सख्त कार्यवाही करने की सूचना दी गई। परिवहन विभाग का प्रभार केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के गोबिन्द सिंह राजपूत के पास था। सिंधिया की अनुशंशा पर ही मुकेश जैन को परिवहन आयुक्त बनाया गया था। परिवहन विभाग की एंट्री एवं अवैध वसूली की जानकारी हर स्तर पर राजनेताओं और अधिकारियों के पास रहती है।

केन्द्रीय मंत्री नितीन गड़करी ने अपने पत्र में साफ तौर पर प्रदेश के परिवहन विभाग पर बड़े पैमाने पर हो रही रिश्वतखोरी को मुद्दा बनाया है। पत्र में लिखे अनुसार प्रदेश के चेक पोस्ट एंट्री में आरटीओ अधिकारी एवं कर्मियों द्वारा ट्रक ड्राइवरों और मालिकों से बड़े पैमाने पर जबरन वसूली और रिश्वतखोरी की जा रही है।

इस उगाही का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि केन्द्रीय मंत्री को इसके लिए पत्र लिखना पड़ गया। पत्र में श्री गड़करी ने साफ लिखा है कि चेक पोस्ट पर गाड़ी के सभी कागजात पूरे होने और अंडरलोड होने के बावजूद ट्रक ड्राइवरों और मालिकों को परेशान किया जाता है। उन्होंने लिखा कि पूर्व में भी इस बारे में आपको पत्र था, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। जिसकी वजह से मध्यप्रदेश का नाम खराब हो गया है।

चर्चाओं के अनुसार ग्वालियर नगर निगम के चुनाव में मेयर पद प्रत्याशी और मालवा अंचल में ज्योतिरादित्य सिंधिया के बढ़ते हस्तक्षेप से भाजपा नेता नाराज थे। पिछले एक वर्ष में अवैध वसूली की शिकायतें ट्रान्सपोर्ट आपरेटर कर रहे थे। नगरीय चुनाव के दौरान टिकट वितरण एवं चुनाव प्रचार को लेकर भाजपा के शीर्ष नेता सिंधिया से नाराज चल रहे थे।

सिंधिया एवं गोबिन्द सिंह राजपूत को नाथने के लिये भी पत्र और कार्यवाही से जोड़ा जा रहा है। बहरलाल गड़करी के पत्र से परिवहन विभाग के अधिकारी भयभीत हो गए है। अवैध वसूली का हिस्सा हर माह बड़े पैमाने पर वितरण होता है। पूर्व में भी इस तरह के आरोप और परिवहन आयुक्त पर कार्यवाही की गई थी। अवैध वसूली का सिलसिला कम होने के बाद और बढ़ जाता है।