सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : लैंड फॉर जॉब्स मामले में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने राबड़ी देवी, मीसा भारती और हेमा यादव को सुनवाई की अगली तारीख तक अंतरिम जमानत दे दी है। कोर्ट ने तीनों को 1 लाख का बेल बॉन्ड भरने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी।
राबड़ी देवी, मीसा भारती और हेमा के साथ ह्रदयानंद को भी कोर्ट ने अंतरिम जमानत दी है। जज विशाल गोगने की कोर्ट में ये सुनवाई हुई। मीसा भारती व्हीलचेयर पर बैठकर कोर्ट पहुंचीं थीं। ED ने कोर्ट में 4751 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद कोर्ट ने नोटिस जारी कर ED से जवाब मांगा है।
जानकारी के मुताबिक, राबड़ी देवी, मीसा भारती, हेमा यादव और हृदयानंद चौधरी की तरफ से कोर्ट में रेगुलर बेल फाइल किया गया था। कोर्ट में आरोपियों की याचिका पर सुनवाई के दौरान ED ने इसका विरोध किया। ED ने रेगुलर बेल के खिलाफ जवाब दाखिल करने की बात कही। ED ने कहा कि मामले की जांच चल रही है ऐसे में इन्हें रेगुलर बेल नहीं दी जानी चाहिए।
ED की दलील पर कोर्ट ने कहा कि जब सीबीआई के केस में सभी आरोपी जमानत पर हैं तो इन्हें जमानत मिलनी चाहिए। आरोप है कि लालू प्रसाद ने रेल मंत्री रहते हुए रेलवे में नौकरी देने के बदले अपने और अपने परिवार के लोगों के नाम पर जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री कराई थी।
बिहार में सरकार बदलते ही लैंड फॉर जॉब्स मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। ED और CBI दोनों जांच एजेंसियों का शिकंजा लालू परिवार पर कसता जा रहा है।
ED ने 29 जनवरी को लालू प्रसाद यादव से 10 घंटे तक पूछताछ की, तो 30 जनवरी को पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से लगभग 8 घंटे तक सवाल-जवाब किए थे।
इससे पहले तेजस्वी यादव ने ED के दो समन 22 दिसंबर और 5 जनवरी को इग्नोर किया था। लेकिन, सरकार हाथ से जाते ही वे तीसरे समन पर 30 जनवरी को पटना स्थित ED कार्यालय पहुंच गए। ED ने इस मामले में तेजस्वी यादव के करीबी अमित कात्याल और लालू के ओएसडी रहे भोला यादव को गिरफ्तार कर चुकी है।
भोला यादव फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। इनके साथ ही लालू यादव, तेजस्वी, राबड़ी मीसा सभी जमानत पर हैं। केस की सुनवाई दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में चल रही है। ऐसे में लोगों के जेहन में लगातार इस बात की आशंका बढ़ते जा रही है कि क्या लालू परिवार को भी इस मामले में गिरफ्तारी हो सकती है।
अब जानिए क्या है लैंड फॉर जॉब्स स्कैम
यूपीए-1 की सरकार (2004 से 2009) में रेल मंत्री रहते लालू प्रसाद यादव ने 7 लोगों को रेलवे के ग्रुप-डी में नौकरी दी थी। इस नौकरी के बदले उनसे औने-पौने दाम में जमीनें लिखाई थीं। सीबीआई की ओर से दायर चार्जशीट के मुताबिक लालू और उनके परिवार वालों पर रेलवे में नौकरी दिलाने के बदले अवैध तरीके से जमीन अपने नाम करवाने का आरोप है।