नई दिल्ली । केन्द्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को बीसीसीआई द्वारा प्रदत्त फंड घोटाला से जुड़े मामले पर तफ़्तीश के दौरान मिले कुछ नए इनपुट के आधार पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ फारूक अब्दुल्ला को पूछताछ के लिए समन भेजा है। उन्हें आज मंगलवार 31 मई को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
ईडी मुख्यालय के एक वरिष्ठ सूत्र के मुताबिक यह पूछताछ की प्रक्रिया पंजाब स्थित चंडीगढ़ में होगी।

दरअसल ईडी ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में बीसीसीआई द्वारा प्रदत्त फंड मामले में हुए करोड़ों रूपए के फर्जीवाडे से जुड़े मामले में एक बार फिर से पूछताछ करना चाहती है ,फारुक अब्दुल्ला से इसी केस में पहले भी पूछताछ की जा चुकी है। जम्मू -कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में हुए फर्जीवाडे का यह मामला साल 2002 से लेकर 2012 के बीच का है, उस समय फारूक अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर में तत्कालीन मुख्यमंत्री पद पर कार्यरत थे।

उसी दौरान केन्द्र सरकार के द्वारा जम्मू -कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) द्वारा राज्य में खेल को आगे बढाने के लिए और उसमें प्रोत्साहन के लिए करीब 113 करोड़ रूपए का फंड मुहैया कराया गया था, लेकिन उस फंड में से करीब 43।69 करोड़ रूपए का फर्जीवाडे को अंजाम दे दिया गया, इसी वजह से साल 2015 में केन्द्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला सहित कई अज्ञात सरकारी अधिकारियों के खिलाफ

एफआईआर दर्ज की है, उसके बाद सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर को आधार बनाकर ईडी ने भी मामला दर्ज कर लिया। ईडी की टीम ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज करके तफ्तीश शुरू कर दी, सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर में फारूक अब्दुल्ला को नामजद आरोपी बनाया गया था, क्योंकी जिस वक्त जम्मू -कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के फंड में गबन किया गया उस वक्त फारूक अब्दुल्ला मुख्यमंत्री के साथ-साथ जेकेसीए के चेयरमैन भी थे। लिहाजा इसी वजह से उनको नामजद किया गया।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ। फारूक अब्दुल्ला की 6 प्रोपर्टी को इसी घोटाले की वजह से सन 2020 में अटैच कर लिया था। ईडी द्वारा जम्मू-कश्मीर में स्थित 6 प्रोपर्टी का सरकारी मूल्य करीब 11 करोड़ 86 लाख रूपए है, सूत्रों के अनुसार इस 6 प्रोपर्टी का आज की तारीख में बाजार मूल्य करीब 55 करोड़ से लेकर 60 करोड़ के बीच है।