
चीन में 61 साल का सबसे भीषण सूखा पड़ रहा है। 165 शहरों में हीट वॉर्निंग अलर्ट जारी की गई है। मध्य और दक्षिणी चीन के लगभग 25 शहरों में पारा 42 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच गया है। बढ़ते तापमान और सूखे से निपटने के लिए राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दो प्रांतों में क्लाउड सीडिंग से आर्टिफिशियल बारिश कराई, इससे सिचुआन और चुंगचिंग प्रांत के 15 शहरों में बाढ़ और लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है। इन शहरों के एक लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।
जिनपिंग के लिए ये क्लाउड सीडिंग से आर्टिफिशियल बारिश कराने का ‘वैज्ञानिक कदम’ सियासी आफत का कारण बन रहा है। सितंबर में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के सेशन में जिनपिंग के तीसरे कार्यकाल पर मुहर प्रस्तावित है। उधर, चीन में कोरोना के केस मुसीबत बने हुए हैं। केस बढ़ने पर सोमवार को शेनजेन स्थित दुनिया के सबसे बड़े होलसेल इलेक्ट्रॉनिक मार्केट को बंद कर दिया गया है।
क्यों फेल हुई चीन में क्लाउड सीडिंग
- क्लाउड सीडिंग तकनीक में बादलों में आर्टिफिशयल वॉटर वेपर इनडक्ट किया जाता है। तेज गर्मी और सूखे के कारण मिट्टी में पानी को सोखने की क्षमता कम हो गई।
- आर्टिफिशियल बारिश से काफी मात्रा में पानी गिरा। इससे शुष्क पहाड़ियां पानी के तेज बहाव को सोख ही नहीं पाईं। इससे बाढ़ के हालात पैदा होने की आशंका हो गई है।
हाइड्रो प्लांट बंद, टेस्ला-टोयोटा में काम ठप
हाइड्रो पावर प्लांट बंद होने के कारण बिजली की कमी हो गई है। सिचुआन शहर में स्थित फॉक्सकॉन, टेस्ला और टोयोटा जैसी कंपनियों के प्लांट में पिछले 15 दिन से काम बंद है। चीन में जुलाई-अगस्त में पिछले साल की तुलना में 40% कम बारिश हुई है। 40 करोड़ लोगों की लाइफलाइन यांग्त्जी नदी सूख चुकी है। सिचुआन सहित चीन के 6 प्रांतों में 22 लाख हेक्टेयर में फसल सूख गई है।जिनपिंग की दोहरी भूमिका पर खतरा
सिंतबर में कम्युनिस्ट पार्टी के अधिवेशन से पहले जिनपिंग ने लियांग गी कुईली नामक प्रचार अभियान छेड़ा है। इसका मतलब दोहरी भूमिका होती है। यानी जिनपंग पार्टी के सर्वोच्च नेता और सरकार के मुखिया के तौर पर एकछत्र नेता हैं। सूखे और बाढ़ की हालिया आपदा से जिनपिंग की महत्वाकांक्षी दोहरी भूमिका पर खतरा पैदा हो गया है।PAK में महंगाई की बाढ़, टमाटर 180 रु., प्याज 145 रु. प्रति किलो
पाकिस्तान में बाढ़ से आम जरूरत की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। यहां टमाटर 180 रु. प्रति किलो और प्याज 145 रु. प्रति किलो (भारतीय मुद्रा में) पहुंच गई है। लाहौर मंडी के थोक व्यापारी जावेद रिजवी ने बताया कि बलूचिस्तान, सिंध और पंजाब में बाढ़ से सब्जियों की पैदावार बर्बाद हो गई है। सूत्रों के अनुसार, अफगानिस्तान-ईरान से आने वाली सब्जियों के दाम अधिक होने के कारण अब भारत से टमाटर और प्याज को आयात करने की तैयारी की जा रही है।