सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ दिल्ली: ‘ब्रिंग बैक बैलेट’ अकाउंट ब्लॉक होने पर बवाल, केंद्र और मेटा को कोर्ट का नोटिस
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर ‘ब्रिंग बैक बैलेट’ अकाउंट को भारत में प्रतिबंधित किए जाने के मामले में केंद्र सरकार और मेटा प्लेटफॉर्म्स से जवाब मांगा है। यह अकाउंट चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बजाय बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग को लेकर अभियान चला रहा था। अदालत ने इस मामले में नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 6 नवंबर 2026 को निर्धारित की है।
न्यायमूर्ति अमित महाजन की पीठ ने 27 अक्टूबर को यह नोटिस मिशन सेव कॉन्स्टिट्यूशन संगठन और उसके संस्थापक अधिवक्ता महमूद प्राचा की याचिका पर जारी किया। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, उनका इंस्टाग्राम अकाउंट 10 अक्टूबर को भारत में उपलब्ध नहीं रहा। इसी दिन संगठन ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘ब्रिंग बैक बैलेट–ईवीएम हटाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किया था।
याचिका में दावा किया गया है कि अकाउंट पर 50 हजार से अधिक फॉलोअर्स थे और इसका इस्तेमाल बैलेट पेपर की वापसी के पक्ष में पोस्ट, वीडियो और जागरूकता सामग्री साझा करने के लिए किया जाता था। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि पूरे अकाउंट पर रोक लगाने से पहले उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया और न ही प्रतिबंध लगाने वाले आदेश की प्रति या स्पष्ट कारण उपलब्ध कराए गए।
याचिका में इस कार्रवाई को संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 के तहत मिले अधिकारों का उल्लंघन बताया गया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि चुनाव प्रणाली में बदलाव की मांग लोकतांत्रिक विमर्श और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि किसी विशेष पोस्ट के बजाय पूरे अकाउंट को प्रतिबंधित करना क्यों जरूरी समझा गया।
अदालत ने केंद्र सरकार और मेटा से इस मामले में अपना पक्ष रखने को कहा है। फिलहाल प्रतिबंध की वैधता पर कोई अंतिम फैसला नहीं आया है और याचिका में लगाए गए आरोपों पर न्यायिक विचार होना बाकी है। अगली सुनवाई में सरकार और कंपनी का जवाब महत्वपूर्ण होगा।
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