इस्‍लामाबाद । अमेरिका की विवादित मुस्लिम सांसद इल्‍हान अब्‍दुल्‍लाही उमर हालही में पाकिस्‍तान के दौरे आई जहां उन्हों कश्‍मीर पर भारत का जबाव नागवार गुजरा लिहाजा एक बार फिर से उन्होंने कश्मीर को लेकर जहर उगला है।

इल्‍हान ने कहा कि अमेरिका में सत्‍ता के केंद्रों में कश्‍मीर मामले की उतनी चर्चा नहीं हुई जितनी की उसको जरूरत थी। उन्‍होंने कहा कि यह स्थिति बदलेगी और अमेरिकी कांग्रेस में सुनवाई के दौरान इसे उठाया जाएगा। इससे पहले भारत ने इल्‍हान के पाक अधिकृत कश्‍मीर जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी। इल्‍हान ने भारत में मुस्लिमों के कथित मानवाधिकार उल्‍लंघन के मुद्दे पर मोदी सरकार पर निशाना साधा। बाइडन की पार्टी के सांसद इल्‍हान उमर ने कहा, ‘कश्‍मीर के सवाल पर हमने विदेशी मामलों की समिति के सामने कमिटी सुनवाई की है

ताकि मानवाधिकार के उल्‍लंघन की खबरों और मोदी सरकार से मुस्लिम विरोधी बयानबाजी और इससे होने वाले मानवाधिकारो के उल्‍लंघन जैसे ज्‍यादा बड़े मुद्दे पर बात की जा सके।’ उन्‍होंने कहा, ‘मैं यह नहीं समझती हूं कि (कश्‍मीर) पर उतनी ज्‍यादा चर्चा नहीं हुई है, जितनी उसको जरूरत है।’ उन्‍होंने कहा कि इस यात्रा के बाद यह बदलेगा और कश्‍मीर पर और ज्‍यादा चर्चा होगी।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीओके के कथित राष्‍ट्रपति के साथ बैठक के दौरान इल्‍हान उमर ने भारत में मुस्लिमों के कथित मानवाधिक उल्‍लंघन पर चिंता जताई। उन्‍होंने कहा क‍ि वह इस मुद्दे को अमेरिकी संसद और बाइडन प्रशासन के साथ उठाएंगी। इल्‍हान उमर ने कश्‍मीर में भारत के अनुच्‍छेद 370 को खत्‍म करने पर कहा, ‘हम भारत के 5 अगस्‍त, 2019 के कदम से बहुत चिंतित हैं।

‘ पीओके के कथित राष्‍ट्रपति ने आरोप लगाया कि भारत जम्‍मू-कश्‍मीर में जनसंख्‍या को बदलना चाहता है। इससे पहले भारत के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी सांसद इल्हान उमर की पीओके की यात्रा की निंदा की थी और कहा कि यह ‘संकीर्ण मानसिकता’ वाली राजनीति को प्रदर्शित करता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, ‘हमने उनकी (इल्हान उमर के) भारतीय संघ राज्य क्षेत्र जम्मू-कश्मीर के एक इलाके में यात्रा की खबरों को देखा है जो अभी पाकिस्तान के अवैध कब्जे में हैं।’ बागची ने कहा, ‘मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि अगर कोई ऐसी राजनीतिज्ञ अपनी संकीर्ण मानसिकता को प्रदर्शित करती हैं, तब यह उनका काम है।’ भारतीय प्रवक्‍ता ने कहा कि लेकिन इस क्रम में हमारी क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का उल्लंघन होता है तब हम समझते हैं कि यह यात्रा निंदनीय है।