सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार को 48 पेज का घोषणा पत्र जारी किया। दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में सोनिया, राहुल, खड़गे और मेनिफेस्टो कमेटी के अध्यक्ष पी चिदंबरम ने 5 न्याय और 25 गारंटी का ऐलान किया। पार्टी के घोषणा पत्र में मजदूरी 400 रुपए दिन करने, गरीब परिवार की महिला को साल में 1 लाख रुपए देने, MSP को कानून बनाने और जाति जनगणना कराने का जिक्र है।
कांग्रेस ने अपने मेनिफेस्टो में युवा, महिला, मजदूर और किसान पर फोकस किया है। इन सभी वर्गों के लिए अलग-अलग तरह की स्कीम्स का वादा किया गया है। पार्टी ने कहा है कि उसका घोषणा पत्र वर्क, वेल्थ और वेलफेयर पर आधारित है। यहां वर्क के मायने रोजगार, वेल्थ के मायने आमदनी और वेलफेयर के मायने सरकारी स्कीम्स के फायदे दिलाना है।
कांग्रेस पार्टी की 4 अन्य बड़ी घोषणाएं…
वन नेशन वन इलेक्शन का विरोध। लोकसभा और विधानसभा चुनाव तय समय पर ही करवाएंगे।
मतदान EVM के जरिए होंगे, लेकिन VVPAT की पर्ची से मिलान किया जाएगा।
10वीं अनुसूची में संसोधन का वादा। इसके तहत दलबदल करने पर विधानसभा या संसद की सदस्यता खुद समाप्त हो जाएगी।
पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां सख्ती से कानून के अनुसार काम करेंगी। हर मामले को संसद या राज्य विधानमंडलों की निगरानी में लाया जाएगा।
राहुल बोले- यह चुनाव लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए है
राहुल गांधी ने कहा- यह चुनाव लोकतंत्र और संविधान को बचाने का चुनाव है। एक तरफ NDA और प्रधानमंत्री मोदी हैं जो संविधान और लोकतंत्र पर आक्रमण कर रहे हैं और दूसरी तरफ INDIA गठबंधन है जो संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करता है।
बुजुर्गो को रेलवे में रियायत का वादा
कांग्रेस पार्टी ने अपने मेनिफेस्टो में बुजुर्गो को रेलवे में रियायत देने का वादा किया है। कोरोना के बाद से केंद्र सरकार ने इसे लगभग खत्म कर दिया है।
सेहत के मोर्च पर दो बड़े ऐलान
देशभर के लिए 25 लाख रुपए तक फ्री इलाज की योजना (हालांकि राजस्थान में राहुल गांधी ने 50 लाख रु. तक के फ्री इलाज की घोषणा की थी, इसके बाद कांग्रेस वहां हार गई थी)। कुल बजट का 4 फीसदी स्वास्थ्य के लिए, यह 2028-29 तक हो पाएगा।
केंद्रीय जांच एजेंसियों पर लगाम कसा जाएगा
कांग्रेस यह सुनिश्चित करने का वादा करती है कि पुलिस, जांच और खुफिया एजेंसियां सख्ती से कानून के अनुसार काम करेंगी। जिन बेलगाम शक्तियों का अभी वो प्रयोग करते हैं, उन्हें कम कर दिया जाएगा। जैसा भी मामला हो, उन्हें संसद या राज्य विधानमंडलों की निगरानी में लाया जाएगा।
दलबदल पर खुद संसद या विधानसभा की सदस्यता जाने वाला कानून लाएंगे
कांग्रेस संविधान की दसवीं अनुसूची में संशोधन करेगी और दलबदल (जिस मूल पार्टी से विधायक या सांसद चुना गया था उसे छोड़कर) को विधानसभा या संसद की सदस्यता से स्वतः अयोग्य घोषित करेगी।