आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कनाडा-भारत विवाद के बीच कनाडाई सरकार चाहकर भी खालिस्तानी समर्थकों को रोकने में नाकामयाब हो रही है। कनाडा में भारतीय राजनयिक सुरक्षित नहीं हैं। खालिस्तान समर्थक अब भारतीय राजनयिकों की हत्या कराना चाहते हैं। कनाडाई सरकार के कहने पर भी खालिस्तानी समर्थकों ने गुरु नानक सिख गुरुद्वारा सरी से विवादित पोस्टर अभी तक नहीं हटाया है।
खालिस्तानी समर्थक कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में पोस्टर लगाकर 3 भारतीय राजनयिकों की हत्या की मांग कर रहे हैं। ये राजनयिक हैं संजय कुमार वर्मा (उच्चायुक्त), मनीष (महावाणिज्यदूत) और अपूर्व श्रीवास्तव (महावाणिज्यदूत)। उन्होंने सरकार के कहने के बाद भी गुरुद्वारे पर पोस्टर दोबारा लगाए हैं। ये वही गुरुद्वारा है, जिसका अध्यक्ष आतंकी हरदीप सिंह निज्जर था। इसी गुरुद्वारे के सामने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या हुई थी।
सितंबर में हटाए गए थे पोस्टर
ये पोस्टर खालिस्तानी समर्थकों ने सितंबर के दौरान भी लगाए थे, लेकिन अधिकारियों के आदेश के बाद उन्हें हटा दिया गया था। ये पोस्टर यहां दोबारा लगा दिए गए हैं और सरकार उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई भी नहीं कर रही है। ये पोस्टर फिर से सड़क पर लगे हैं, जिन पर मोटे अक्षरों में “असैसिनेशन” लिखा हुआ है। कनाडा की जनता आते-जाते इन पोस्टरों को साफ तौर पर देख सकती है।
खालिस्तान के आगे विफल हुई कनाडाई सरकार
ट्रूडो सरकार खालिस्तानी आतंकवादियों के गलत कामों के प्रति न केवल असंवेदनशील हो गई है, बल्कि सुन्न हो गई है। काली सूची में डाले गए आतंकवादी कनाडा की शरण में लोकतांत्रिक देश भारत के खिलाफ हिंसक गतिविधियां कर रहे हैं।
कनाडा सरकार पर सवाल उठ रहे हैं कि कोई चरमपंथी संगठन किसी राजनयिक की हत्या की मांग कर सकता है? हत्या कानूनी कैसे हो सकती है? कनाडा सरकार कितना बर्दाश्त कैसे कर रही है? गुरुद्वारे के बाहर लगे विज्ञापन को कनाडाई लोग देख रहे हैं और इनके पास से गुजर रहे हैं।
भारत के खिलाफ किल इंडिया रैली की तैयारी
इन सभी के बीच एक बार फिर खालिस्तानी समर्थकों ने 21 अक्टूबर को वैंकूवर में भारतीय दूतावास के बाहर “किल इंडिया” के बैनर तले एक कार रैली आयोजित करने की योजना बना ली है है। इसके बाद 28 अक्टूबर को जनमत संग्रह भी करवाया जा रहा है। जिसमें सिख फॉर जस्टिस के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के कहने पर सिख चरमपंथी हिस्सा लेंगे।