आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : 24 अगस्त की शाम, जगह- दक्षिण अफ्रीका की राजधानी जोहान्सबर्ग। दुनिया के तीसरे ताकतवर आर्थिक संगठन BRICS में 6 नए देशों को शामिल करने की घोषणा होती है। इन 6 में से 4 इस्लामिक देश हैं।
भारत ने भी इन देशों को BRICS संगठन में शामिल करने की सहमति दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा इन देशों से हमारे ऐतिहासिक संबंध हैं। सऊदी अरब और UAE समेत 6 देशों के संगठन से जुड़ने को इसकी बढ़ती ताकत से जोड़ कर देखा जा रहा है।
क्या सच में ब्रिक्स को इससे मजबूती मिलेगी? भारत और दूसरे सदस्य देशों को इससे कितना लाभ मिलेगा? अगर BRICS देशों की करेंसी जारी हुई तो क्या अमेरिकी डॉलर का रुतबा कमजोर पड़ जाएगा? आज इन्हीं सवालों के जवाब जानते हैं…
BRICS पर लिखी किताब ‘लोकेटिंग ब्रिक्स इन ग्लोबल ऑर्डर’ के लेखक प्रोफेसर राजन कुमार के मुताबिक- इस संगठन में अब तक कोई इस्लामिक देश नहीं थे। भारत में इस्लाम धर्म को मानने वाले लोगों की बड़ी आबादी रहती है। ऐसे में इस संगठन में एक तरह का जो असंतुलन था, उसे खत्म करने की कोशिश की गई है। यही वजह है कि 4 इस्लामिक देशों को इस संगठन से जुड़ने के लिए न्यौता भेजने का फैसला किया गया है। इनमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ईरान और मिस्र शामिल हैं।
सऊदी और UAE जैसे देशों के इस संगठन से जुड़ने से BRICS की ताकत दुनिया में इन 3 वजहों से और बढ़ेगी…
- सऊदी अरब और UAE जैसे देशों में प्रति व्यक्ति आय काफी ज्यादा है। इसके अलावा उनके पास फॉरेन रिजर्व में काफी पैसा भी है। ऐसे में इन देशों के BRICS से जुड़ने पर संगठन को आर्थिक ताकत मिलेगी।
इनके शामिल होने से BRICS के न्यू डेवलपमेंट बैंक को विश्व बैंक और IMF के विकल्प की तरह स्थापित किया जा सकता है। ब्रिक्स सदस्यों का मानना है कि IMF से मिलने वाला कर्ज किसी भी देश के लिए दम घोंटने जैसा होता है।
ब्रिक्स के NDB को ज्यादा फंड की जरूरत है, ताकि वे विकासशील देशों को प्रभावी ढंग से समर्थन दे सकें।
- सऊदी अरब तेल पर अपनी इकोनॉमी की निर्भरता को कम कर रहा है। फिलहाल उसकी इंवेस्टमेंट कैपेसिटी काफी ज्यादा है। ये देश BRICS संगठन के प्रोजेक्टस में इंवेस्टमेंट करेगा। इससे सभी सदस्य देशों को लाभ होगा।
- दुनिया में तेल उत्पादन के लिहाज से दो बड़े देश रूस और सऊदी अरब अब BRICS के सदस्य हो जाएंगे।
भारत के लिहाज से देखें तो सऊदी अरब और UAE का BRICS में जुड़ना देश के लिए अच्छी बात है। इसकी वजह ये है कि सऊदी अरब और भारत के बीच अच्छे संबंध हैं। वहीं, UAE की कुल आबादी में तो 30% भारतीय ही हैं।
अब तक दुनिया की कुल GDP में ब्रिक्स देशों की 26% हिस्सेदारी थी। जो अब 6 नए देशों के जुड़ने से 33% के आसपास हो जाएगी। जबकि फिलहाल सबसे ताकतवर आर्थिक संगठन G7 की GDP के मुकाबले 30% है।