आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : बिहार के CM नीतीश कुमार के विपक्षी एकजुटता की मुहिम को मध्यप्रदेश में तगड़ा झटका लगा है। भाजपा के खिलाफ विपक्षी पार्टियों के I.N.D.I.A गठबंधन में शामिल सपा के बाद खुद नीतीश कुमार की पार्टी कांग्रेस के खिलाफ चुनाव में उतर गई है।

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा और नीतीश की पार्टी JDU कुछ सीटों पर उम्मीदवार उतारना चाहती थी। मीडियो रिपोर्ट्स के मुताबिक JDU ने मध्यप्रदेश में कांग्रेस से 2 सीटें मांगी थीं, लेकिन कांग्रेस ने मांग अनसुनी कर दी।

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में पहले सपा के अखिलेश यादव कांग्रेस से नाराज हुए और 22 उम्मीदवार उतार दिए। अब ​​​JDU ने भी अपने 5 उम्मीदवार उतार दिए हैं।

बिहार में कांग्रेस सरकार में शामिल

बिहार में तो कांग्रेस जदयू के साथ महागठबंधन की सरकार में शामिल है। कांग्रेस के नीतीश सरकार में दो मंत्री भी हैं। CM नीतीश कुमार इंडिया गठबंधन के अगुवा रहे हैं। उन्होंने विपक्ष को एक मंच पर लाने के लिए दिल्ली, कोलकाता से लेकर महाराष्ट्र तक का सफर किया था। अब जदयू के मध्यप्रदेश में प्रत्याशी उतारने को लेकर बयानबाजी शुरू हो गई है।

JDU बोली- लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन

मध्यप्रदेश में जदयू उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारने पर पार्टी की तरफ से सफाई दी गई है। JDU के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि मध्यप्रदेश इकाई ने स्थानीय संगठन के विस्तार के लिए चुनाव लड़ने का फैसला लिया है।

इसके राजनीतिक निहितार्थ या बिहार के संदर्भ में इसे कोई देख रहा है तो मुगालते में है। 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए इंडिया गठबंधन बना है। नीतीश देश के पहले नेता हैं, जिन्होंने कहा है कि कांग्रेस के बिना विपक्षी एकता की बात नहीं की जा सकती।

JDU, RJD, तृणमूल मध्यप्रदेश में प्रभावशाली नहीं

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राजेश राठौर ने कहा है कि इंडिया गठबंधन व्यापक और राष्ट्रीय दृष्टिकोण से बना है। इसके तहत सभी गैर भाजपा दल एक मंच पर भाजपा मुक्त भारत बनाने में जुटे हैं। नीतीश कुमार इसके बड़े सूत्रधार रहे हैं, लेकिन अनेक क्षेत्रीय दल ऐसे हैं जो अपने राज्य के अलावा दूसरा राज्य में कम प्रभावशाली हैं। इसके बावजूद इंडिया गठबंधन में उनका महत्व है।

उन्होंने कहा कि किस परिस्थिति में JDU ने मध्यप्रदेश में प्रत्याशी दिया है। ये जदयू के लोग बता पाएंगे। आप देखिए कि RJD, सपा, तृणमूल कांग्रेस जैसी पार्टियां मध्यप्रदेश में प्रभावशाली नहीं है। जदयू के लोग बता पाएंगे कि किन परिस्थितियों में जदयू ने मध्यप्रदेश में उम्मीदवार उतारा है।