आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: चीन तेजी से भूटान के उत्तरी इलाकों के पास इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप कर रहा है। सैटेलाइट इमेज में खुलासा हुआ है। तस्वीरें ऐसे समय सामने आई हैं जब चीन और भूटान सीमा विवाद सुलझाने के लिए बातचीत कर रहे हैं।
यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के प्रोफेसर रॉबर्ट बार्नेट का कहना है कि चीन नॉर्थ भूटान पर कब्जा करना चाहता है। आने वाले समय में नॉर्थ भूटान की जाकरलुंग घाटी चीन के हाथों में जा सकती है।
अमेरिका की मैक्सार टेक्नोलॉजी ने जो सैटेलाइट तस्वीरें जारी की है उनमें जाकरलुंग घाटी में पिछले 2 सालों में हुए चीनी कंस्ट्रक्शन को दिखाया गया है। चीन यहां लोगों के रहने के लिए 129 बिल्डिंग्स बना रहा। थोड़ी दूर पर 62 इमारतों का कंस्ट्रक्शन भी हो रहा है। इससे साफ होता है कि चीन, भूटान में दो बड़े गांव बसा रहा है।
चीन की भूटान पर कब्जा करने की मंशा साफ दिख रही : एक्सपर्ट
एक्सपर्ट डेमियन सायमन का कहना है कि चीन की तरफ से हो रही ये गतिविधियां उसकी महत्वाकांक्षाओं को दर्शाती है। उन्होंने कहा- जाकरलुंग घाटी में जो कंस्ट्रक्शन हो रहा है वो सिर्फ ऑउटपोस्ट नहीं है। चीन यहां लोगों को बसाने चाहता है। लोग जो चीन का समर्थन करते हों और चीन का अभिन्न अंग हों।
सीमा निर्धारित करने पर हो रही चीन-भूटान के बीच बातचीत
भूटान अपने क्षेत्र में चीनी घुसपैठ को हमेशा के लिए खत्म करने की कोशिश में चीन के साथ संबंध बढ़ा रहा है। दोनों देश सीमा निर्धारित करने पर बातचीत कर रहे हैं। अक्टूबर 2023 में भूटान के विदेश मंत्री टांडी दोर्जी ने बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री से मुलाकात की थी।
भूटान के विदेश मंत्री दोरजी के साथ मुलाकात में चीनी विदेश मंत्री ने कहा था कि चीन सीमा विवाद सुलझाने को तैयार है। भूटान के प्रधानमंत्री लोताय शेरिंग ने भी पिछले दिनों एक इंटरव्यू में चीन के डोकलाम की जमीन की अदला-बदली करने के प्रस्ताव का जिक्र किया था।
चीन ने पहले भी भूटान में रोड बनाने की कोशिश की
चीन ने पहले भी भूटान के इलाकों में रोड बनाने की कोशिश की थी। हालांकि, ये ज्यादातर पश्चिमी भूटान में हो रहा था। 2017 में चीन ने दक्षिण-पश्चिम में डोकलाम में रोड बनाने की कोशिश की। यहां उनकी भारतीय सैनिकों से झड़प हुई। दरअसल, डोकलाम में चीन, भारत और भूटान तीनों देशों की सीमाएं लगती हैं।