आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : ब्रिटिश महरानी क्वीन एलिजाबेथ-II की हत्या की साजिश रचने वाले एक भारतीय मूल के युवक को 9 साल की सजा सुनाई गई है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जसवंत सिंह छैल नाम का ये युवक 2021 में क्रॉसबो के साथ विंडसर पैलेस में घुस गया था। इसके बाद उसे राजद्रोह का दोषी ठहराया गया था।

विंडसर पैलेस में घुसने से पहले छैल ने स्नैपचैट पर एक वीडियो भी पोस्ट किया था। इसमें छैल ने कहा था- मैनें जो किया है और जो मैं करने वाला हूं उसके लिए मुझे माफ कर देना। वीडियो में छैल ने कहा कि महारानी को मारकर वो 1919 में हुए जलियावाला बाग हत्याकांड का बदला ले रहा है। उन सब लोगों की लड़ाई लड़ रहा है जिनके साथ नस्ल के चलते भेदभाव किया गया।

क्रिसमस के दिन क्रॉसबो लेकर पैलेस पहुंचा था

रिपोर्ट्स के मुताबिक जसवंत सिंह छैल को क्रिसमस के दिन एक सुरक्षा अधिकारी ने विंडसर महल के प्राइवेट इलाके में देखा था, जो नाइलोन की सीढ़ी से दीवार फांदते हुए महल में घुस गया था। इसके बाद जब छैल से सुरक्षा अधिकारी ने पूछा कि वो वहां क्या करने आया है, तो इसके जवाब में छैल ने कहा- मैं महारानी को मारने आया हूं।

इतना सुनते ही अधिकारी ने उससे क्रॉसबो नीचे रखवा दिया और उसे घुटने के बल बैठ जाने को कहा। छैल वो सब करता रहा जो सुरक्षा अधिकारी ने उसे करने को कहा था। हालांकि, वो यह भी कहता रहा कि वो महारानी को मारने आया है।

ब्रिटेन में 42 साल बाद किसी को राजद्रोह के मामले में सजा

ब्रिटेन में साल 1981 के बाद पहली बार किसी को राजद्रोह के मामले में दोषी ठहराया गया है और सजा दी गई है। वहीं, क्रोसबो के अलावा छैल के पास एक हाथ से लिखा गया नोट था। इसमें लिखा था – प्लीज मेरे कपड़े, जूते और मास्क मत उतारना, मुझे पोस्टमार्टम नहीं करवाना है। थैंक्यू एंड सॉरी।

जसवंत सिंह छैल से पहले साल 1981 में मार्कस सार्जेट को राजद्रोह के मामले में 5 साल की सजा मिली थी। उसने लंदन में कलक परेड के दौरान महारानी पर ब्लैंक शॉट फायर किए थे। दरअसल ब्रिटेन के राजद्रोह एक्ट 1842 के तहत महारानी को किसी भी तरह से नुकसान पहुंचाने की कोशिश करना कानूनी अपराध है।

अब ग्राफिक में जाने जलियांवाला बाग हत्याकांड में क्या हुआ था

छैल का क्रोसबो एयर राइफल जितना पावरफुल था

एक सुनवाई के दौरान प्रॉसीक्यूटर ने कोर्ट को बताया था कि स्नैपचैट पर पोस्ट किया गया वीडियो छैल ने घटना के चार दिन पहले रिकॉर्ड किया था। उसने ये वीडियो अपनी गिरफ्तारी से 10 मिनट पहले 20 लोगों को भेजा था।

प्रॉसीक्यूटर ने यह भी बताया कि छैल के पास से जो क्रोसबो बरामद हुआ वह एयर राइफल के जितना पावरफुल था। जिससे गहरी चोट पहुंचाई जा सकती है। छैल ने पहले भी ग्रेनेडियर गार्ड और डिफेंस पुलिस में भर्ती के लिए अप्लाय कर महल के करीब आने की कोशिश की थी।

काउंटर टेरेरिज्म यूनिट के कमांडर रिचर्ड स्मिथ ने कहा कि ये घटना बहुत गंभीर थी, लेकिन वहां मौजूद अधिकारियों ने इसे बहुत बेहतरी से संभाला। उन्होंने बताया कि छैल ने जो कुछ भी किया उसे आतंकी हमला नहीं कह सकते हैं, पर इसकी जांच काउंटर टेरेरिज्म विभाग को ही सौंपी गई।