आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : केस 1- फिलोमेना डेवासे (70) की कुछ हफ्ते पहले मौत हो गई। उनके पति ऑटो चालक हैं और पाई-पाई जुटाकर उन्होंने 28 लाख रुपए त्रिशूर के करुवन्नूर बैंक में जमा किए थे। फिर भी पैसों की तंगी के कारण इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों में भटकना पड़ा।
केस 2- आयरलैंड में रह रहे त्रिशूर के 72 साल के विसेंट चिट्टीलाप्पीली ने 35 लाख रुपए इसी बैंक में जमा कराए थे। हाल ही में उनकी मौत हो गई। पत्नी के पास शव लाने को पैसे नहीं थे। पड़ोसियों ने 11 लाख रु. दिए। अब 23 अक्टूबर को शव केरल आएगा।
करुवन्नूर उन 399 कोऑपरेटिव बैंकों में हैं, जिन पर बीते तीन साल में आर्थिक धोखाधड़ी के आरोप लगे हैं। इसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है। बैंक ने 12 हजार से भी ज्यादा ग्राहकों को पैसा लौटाने से मना कर दिया है। ऐसी ही 164 कोऑपरेटिव बैंक और हैं, जो ग्राहकों को पैसा लौटाने में फेल हुए हैं।
करुवन्नूर केस में पिछले हफ्ते ED ने पार्टी के वरिष्ठ नेता पीआर अरविंदाक्स्दन को अरेस्ट किया है। केरल में करीब 15 हजार को-ऑपरेटिव बैंक संस्थाएं हैं, जिनमें ज्यादातर को CPIM के नेता ही ऑपरेट कर रहे हैं। पूर्व मंत्री और विधायक एसी मोइदीन से पूछताछ हो रही है और जल्द गिरफ्तार भी हो सकते हैं।
मोइदीन और कन्नन अरेस्ट तो लोकसभा में बिगड़ जाएगी CPIM की इमेज
ED ने तिरुवंतपुरम के कंडाला कोऑपरेटिव बैंक में 101 करोड़ रु. की धोखाधाड़ी की जांच शुरू की है। इस पर भी CPIM का नियंत्रण है। ED मोइदीन और कन्नन को अरेस्ट करती है तो लोकसभा चुनाव में CPIM की छवि खराब हो सकती है, क्योंकि इनमें कई ग्राहक CPIM कार्यकर्ता ही हैं।
ED सुरेश के लिए मैदान बना रही : CPIM
CM पी. विजयन व पार्टी सेक्रेटरी एमवी गोविंदन इस कार्रवाई को भाजपा-संघ का एजेंडा बता रहे हैं। गोविंदन ने भास्कर को बताया कि भाजपा मलयालम सुपर स्टार सुरेश गोपी को त्रिशूर से चुनाव लड़ाने की तैयारी में है, इसलिए करुवन्नूर के बहाने CPIM पर आरोप लगाए जा रहे हैं।