नई दिल्ली । अपना घर संवारने में लगी कांग्रेस को अपने ही पार्टी सदस्यों को सहेजना बड़ा काम होता जा रहा है। अब खबर आ रही है कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से अपनी भेंट को लेकर उठी अटकलों को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यदि उन्हें ऐसा करना होगा, तो वह खुलेआम करेंगे क्योंकि दोनों हिमाचल प्रदेश से हैं एवं दोनों ने एक ही विश्वविद्यालय में पढ़ाई की है।

शर्मा ने कहा कि उनका नड्डा से ‘पुराना सामाजिक एवं पारिवारिक नाता’ है और ‘मुझे खुशी है कि मेरे राज्य एवं विश्वविद्यालय से आने वाला कोई व्यक्ति सत्तारूढ़ दल का अध्यक्ष है।’ उनकी कथित भेंट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘वैचारिक मतभेद का मतलब व्यक्तिगत दुश्मनी या वैमनस्य नहीं होता है, यदि मुझे जेपी नड्डा से मिलना होगा तो मैं खुलेआम मिलूंगा। यह मेरा अधिकार है। मैं किसी अटकल को हवा नहीं दूंगा।’

पूर्व केंद्रीय मंत्री शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय पूर्व छात्र संघ ने उन्हें एवं नड्डा को सम्मानित करने के लिए आमंत्रित किया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि इस कार्यक्रम में जाने के सिलसिले में उन्होंने फोन पर नड्डा से बातचीत की। शर्मा उस जी-23 समूह के अहम सदस्य हैं जिसने कांग्रेस संगठन में आमूलचूल बदलाव की मांग की थी और जो पार्टी नेतृत्व के कुछ फैसलों का आलोचक रहा था। यह पहली बार नहीं है कि शर्मा की नड्डा से भेंट करने को लेकर अटकलें सामने आई हैं।

बता दें कि इससे पूर्व मई के महीने में आनंद शर्मा ने जेपी नड्डा से मुलाकात और भाजपा में शामिल होने की अटकलों को खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि उनके भाजपा में शामिल होने की अफवाह फैलाई जा रही है, लेकिन यह गलत है और राजनीतिक शरारत है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्यसभा के लिए टिकट कटने के बाद से ही आनंद शर्मा कांग्रेस आलाकमान से नाराज बताए जा रहे हैं। बता दें कि आनंद शर्मा चार बार राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं।