आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कश्मीर मामले में पाकिस्तान का समर्थन करने वाली अमेरिकी सांसद इल्हान उमर ने अब भारत-कनाडा विवाद पर राय दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा है कि हरदीप सिंह निज्जर की हत्या पर कनाडा ने जो आरोप भारत पर लगाए हैं वो गंभीर हैं।

उन्होंने अमेरिकी सरकार से अपील की है कि वो हत्या में भारत की भूमिका का पता लगाने के लिए कनाडाई जांच का पूरा समर्थन करें। इल्हान उमर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद है। उन्होंने सरकार से पूछा है कि वो बताएं कि क्या भारत अमेरिका में भी खालिस्तानियों के खिलाफ कोई ऑपरेशन तो नहीं चला रहा है।

शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने दिया जवाब

शिवसेना (उद्धव गुट) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इल्हान उमर की पोस्ट का जवाब दिया। उन्होंने लिखा- बैठ जाइए मैडम, अगर ऐसा ही है तो मैं भी विदेश मंत्रालय से अपील करती हूं कि वो इस बात का पता लगाए कि कैसे अमेरिका की चुनी हुई सांसद जम्मू कश्मीर के मामले में दखलंदाजी कर रही है और कैसे पाकिस्तान की फंडिंग पर PoK जा रही है।

दरअसल, 2022 में इल्हान उमर ने पाकिस्तान का दौरा किया था। इस दौरान वो पाक अधिकृत कश्मीर भी गई थी। उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और इमरान खान से भी मुलाकात की थी। भारत ने इस पर कड़ी आपत्ति जाहिर की थी। सरकार ने उमर के पाकिस्तान और PoK के दौरे को ओछी राजनीति बताया था।

वहीं हाल ही में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि पाकिस्तान में अमेरिकी राजदूत डोनाल्ड ब्लोम ने भी PoK का निजी दौरा किया। इस पर भारत में अमेरिकी राजदूत ने कहा था कि पाकिस्तान में अमेरिकी राजदूत पर कुछ कहना मेरा काम नहीं है, लेकिन वह पहले भी इन जगहों पर जाते रहे हैं और जाहिर तौर पर G20 के दौरान जम्मू-कश्मीर में हमारे प्रतिनिधिमंडल में भी शामिल थे।

PM मोदी के भाषण का बहिष्कार कर चुकी इल्हान उमर

जून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका की स्टेट विजिट पर गए थे। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी संसद के जॉइंट सेशन को संबोधित किया था। इल्हान उमर ने इस सेशन का बहिष्कार किया था। उन्होंने पीएम मोदी पर आरोप लगाया था कि उनकी सत्ता में अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव होता है।

कौन है इल्हान उमर?

40 साल की इल्हान उमर सोमालियाई-अमेरिकी राजनेता हैं, जो साल 2019 में मिनिसोटा से चुनाव जीतकर अमेरिका के निचले सदन में आई थीं। वह अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस में पहुंचने वाली पहली दो मुस्लिम महिला सांसदों में से एक हैं। अमेरिकी संसद में पहुंचने वाली वह पहली सोमालियाई-अमेरिकी नागरिक भी हैं। मूल रूप से वह अफ्रीका की नागरिक भी रही हैं। उनका परिवार 1991 में सोमालियाई गृहयुद्ध के चलते देश छोड़कर अमेरिका आया था।

सोमालिया में गृहयुद्ध से बचकर भागा था परिवार, पिता चलाते थे टैक्सी

इल्हान का परिवार मूलरूप से सोमालिया से है। साल 1991 में वह सोमालियाई गृहयुद्ध के चलते देश छोड़कर परिवार के साथ अमेरिका आ गई थीं और शरणार्थी शिविर में रहीं। दो साल की उम्र में मां की मौत हो गई थी। ऐसे में पिता ने परिवार को पालने के लिए अमेरिका में टैक्सी ड्राइवर का काम किया था। इसके बाद डाक कर्मचारी के रूप में भी काम किया। उमर ने अपनी पढ़ाई अमेरिका में ही पूरी की और 17 साल की उम्र में वह अमेरिकी नागरिकता ले ली। उमर ने नॉर्थ डकोटा स्टेट यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में डिग्री हासिल की है। 2016 में आम चुनाव जीतकर वह अमेरिका में पहली सोमालियाई अमेरिकी रिप्रिजेंटेटिव बनीं।