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लैलूंगा :- छत्तीसगढ़ कर्मचारी – अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर पाँच दिवसीय निश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के अंतिम दिन शुक्रवार को भी कलम बंद ! काम बंद !! मशाल उठा हड़ताल कर का व्यापक असर देखा गया । हलांकि कर्मचरियों ने आगामी दिनों में अनिश्चित कालीन हड़ताल करने की रणनीति तैयार होते तक के लिए हड़ताल को समाप्त किया है । लैलूंगा विकास खण्ड के सभी कर्मचारी – अधिकारी सुबह से ही फेडरेशन के बैनर तले भारी संख्या में पूरी मुस्तैदी के साथ डटे हुवे थेव। साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी हो रही थी । हड़ताल के अंतिम दो दिन मध्यान भोजन रसोइयाओं ने भी अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर फेडरेशन के साथ सम्मिलित होकर अपनी आवाज बुलंद किये हैं । जिससे अंतिम दिन का हड़ताल अभूतपूर्व रहा । अधिकारी – कर्मचारी फेडरेशन के बैनर तले यह हड़ताल पिछले पांँच दिनों से जारी था । जिसका सीधा असर आम लोगों के साथ – साथ शासकीय कार्यों में भी बहुत प्रभाव पड़ा है । कहीं से भी अधिकारी – कर्मचारी फेडरेशन का कोई निष्कर्ष निकलते नजर नहीं आ रहा है । फेडरेशन के जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि अभी तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के साथ कोई भी बैठक नही हुई है, न अब तक किसी ने बुलाया है । लगातार हम अपनी बात को विभिन्न माध्यमों से पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं । लेकिन सरकार है कि साढे चार लाख अधिकारियों एवं कर्मचारियों का 21 साल में पहली बार ऐसा ऐतिहासिक आंदोलन हुआ है । सरकार इस आंदोलन को भी गंभीरता से नहीं ले रही है । इसके लिए अधिकारी – कर्मचारी फेडरेशन काफी ज्यादा आक्रोसित हैं । जाहिर है कि आने वाले समय मे आंदोलन बहुत ही उग्र रूप लेगा । वहीं कर्मचारियों का मांग है कि केंद्रीय कर्मचारियों की तरह 34% डीए एवं एचआरए दिया जाए । इसी दो सूत्रीय मांग को लेकर के कर्मचारियों ने जिस चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया था और तीसरी कड़ी के रूप में 5 दिनों की हड़ताल थी । और हड़ताल के आखिरी दिन है और प्रदेश भर में सरकारी कर्मचारी ने अपनी ताकत दिखा दिया है । हर जिले व विकास खण्ड स्तर पर रैली / जुलुस आयोजित की गई है । फेडरेशन के मंच पर रसोईया संघ ने अपनी उपस्थित दर्ज कर अपनी माँग प्रमुखता के साथ रखे गये हैं । उनकी प्रमुख माँग उनका मानदेय बढ़ाना है जो की वर्तमान में 1500 रूपये मासिक है ।
लैलूंगा में भी बाकी दिनों की अपेक्षा ज्यादा भीड़ दिखाई दी । यहाँ पर भी विशाल रैली निकाल कर एस. डी. एम. लैलूंगा को ज्ञापन सौंपा गया ।