सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: ‘महाराष्ट्र के अमरावती से भाजपा सांसद नवनीत कौर राणा ने बुधवार (8 मई) को AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और उनके छोटे भाई अकबरुद्दीन पर बयान दिया। नवनीत राणा ने कहा कि अगर हैदराबाद में 15 सेकेंड के लिए पुलिस हटी तो पता नहीं चलेगा कि दोनों भाई कहां गए।

राणा का यह बयान अकबरुद्दीन की 2013 में दी गई स्पीच का जवाब माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर 15 मिनट के लिए पुलिस हटा दी जाए तो हम 25 करोड़ (मुसलमान) 100 करोड़ हिंदुओं को खत्म कर देंगे।

नवनीत राणा बुधवार को हैदराबाद में भाजपा उम्मीदवार माधवी लता के लिए प्रचार करने गई थीं।

राणा ने वीडियो शेयर किया, कहा- हम दिखाएंगे क्या कर सकते हैं

असदुद्दीन ओवैसी बोले- बताइए कहां आना है, हम आएंगे

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “मोदी नवनीत राणा को 15 सेकेंड दे दीजिए। आप क्या करेंगे। आप उन्हें एक घंटा दे दीजिए। हम भी देखना चाहते हैं कि आपमें जरा सी भी इंसानियत बची है या नहीं। डरता कौन है? हम तैयार हैं। अगर कोई खुली चुनौती देता है तो फिर हो जाने दीजिए। प्रधानमंत्री आपका है, संघ आपका है, सबकुछ आपका है। आपको रोक कौन रहा है। हमें बताइए कहां आना है, हम आएंगे।

पहले भी नवनीत राणा ने ऐसे बयान दिए…

  1. भाजपा ने लोकसभा चुनाव में नवनीत राणा को अमरावती से उम्मीदवार बनाने के साथ गुजरात में स्टार प्रचारक भी बनाया है। नवनीत ने 5 मई को गुजरात में प्रचार के दौरान कहा कि जिसे जय श्री राम नहीं कहना है तो वो पाकिस्तान जा सकता है। ये हिंदुस्तान है। अगर हिंदुस्तान में रहना है तो जय श्री राम कहना ही है।
  2. 15 अप्रैल को नवनीत राणा ने अमरावती में एक रैली में कहा कि देश में कोई मोदी लहर नहीं है। 2019 में PM मोदी की हवा थी। तब मैं निर्दलीय चुनाव लड़कर भी जीती थीं। इसलिए चुनाव को हल्के में नहीं लेना है। पीएम मोदी की हवा है, इस भ्रम में कोई ना रहे।

इस बयान के बाद विपक्ष ने कहा कि नवनीत राणा ने जो कहा, सच कहा। देश में कोई मोदी लहर नहीं है। हालांकि, बाद में नवनीत राणा ने अपनी सफाई में कहा कि मोदी लहर थी, है और रहेगी। हम इस बार 400+ का लक्ष्य हासिल करेंगे।

  1. अप्रैल 2022 में नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा ने उद्धव ठाकरे के निजी आवास मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने का ऐलान किया था। इस घोषणा के बाद शिवसैना के हजारों कार्यकर्ता मातोश्री के बाहर जमा हो गए थे। उन्होंने राणा दंपत्ति पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया था।

इसके बाद नवनीत राणा और उनके पति के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज किया गया। कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजा था। हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी।