आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अजरबैजान ने 24 घंटे तक चली झड़प के बाद नागोर्नो-कारबाख इलाके पर वापस कब्जा कर लिया है। गुरुवार को अजरबैजान के राष्ट्रपति ने इसकी घोषणा की। अलगाववादियों की फोर्स के सरेंडर के बाद उन्होंने सेना के जज्बे की तारीफ की।

अजरबैजान ने 19 सितंबर को आर्मेनिया के नागोर्नो-कारबाख इलाके में सेपरेटिस्ट के खिलाफ हमला कर दिया था। अजरबैजान का कहना था कि ये लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक नागोर्नो-कारबाख के अलगाववादी सरेंडर नहीं कर देते।

आर्मेनिया के अधिकारी बोले- झड़प में 32 लोग ही मारे गए

BBC के मुताबिक, आर्मेनिया की तरफ से कोई सहायता नहीं मिलने के बाद काराबाख में मौजूद सेपरेटिस्ट्स ने सरेंडर कर दिया। आर्मेनियन अधिकारियों के मुताबिक हमले में 7 नागरिकों सहित 32 लोगों की मौत हो गई और 200 लोग घायल हुए हैं।

वहीं आर्मेनिया सेपरेटिस्ट के ह्यूमन राइट्स अधिकारियों के मुताबिक हमले में करीब 200 लोगों की मौत हुई है, जबकि 400 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हालांकि, इन आंकड़ों की पुष्टी नहीं हुई है। अजरबैजान के मुताबिक सीजफायर से पहले उनकी सेना ने अलगाववादियों के करीब 90 ठिकानों पर कब्जा कर लिया था।

रूसी पीसकीपर्स ने कराया समझौता

20 सितंबर को रूस पीसकीपर्स के जरिए दोनों पक्षों के बीच सीजफायर समझौता हुआ। यह समझौता अजरबैजान की शर्तों पर हुआ। इसके बाद से अजरबैजान की सेना ने आर्मेनिया पर अपने सैन्य ऑपरेशन को रोक दिया है। समझौते के लेकर दोनो पक्षों की पहली मीटिंग 21 सितंबर को अजरबैजान के येवलाख शहर में होगी।

समझौते के मुताबिक, कारबाख फोर्स को भंग करके उनके हथियार जब्त किए जाएंगे। इसके अलावा इलाके से आर्मेनिया की सेना को भी पीछे हटने के लिए कहा गया है। हालांकि, आर्मेनिया की सरकार ने दावा किया है कि उनकी सेना कभी भी कारबाख क्षेत्र में तैनाती ही नहीं थी।

आर्मेनिया में प्रधानमंत्री के खिलाफ हो रहा प्रदर्शन

हमले के बाद आर्मेनिया की राजधानी येरेवान में प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान के खिलाफ प्रदर्शन हुआ। लोगों ने पाशिनयान से स्थिति न संभाल पाने के बाद इस्तीफा की मांग की। सुरक्षाबल और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

रूस-अमेरिका ने सैन्य ऑपरेशन रोकने को कहा था

दोनों देशों के बीच पहले भी समझौता करा चुके रूस ने हमले की निंदा की थी। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि हम दोनों देशों से खून-खराबा रोकने, दुश्मनी खत्म करने और नागरिकों को बचाने का आग्रह करते हैं।