सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से उभरने के बावजूद भारतीय आईटी इंडस्ट्री ने इसे खतरे की बजाय विकास का अवसर माना है। विशेषज्ञों का कहना है कि AI के आने से कुछ पारंपरिक कार्यों में बदलाव जरूर आएगा, लेकिन इससे आईटी कंपनियों के लिए 37 लाख करोड़ रुपये तक का व्यावसायिक अवसर भी खुल सकता है।
आईटी फर्मों ने पहले ही AI आधारित सर्विसेज और प्रोडक्ट डेवलपमेंट में निवेश बढ़ाना शुरू कर दिया है। यह निवेश मुख्य रूप से डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग, ऑटोमेशन, साइबर सुरक्षा और ग्राहक अनुभव सुधारने वाले सॉल्यूशंस पर केंद्रित है।
विशेषज्ञों का कहना है कि AI कंपनियों को अपने कर्मचारियों की स्किल अपग्रेडेशन पर जोर देने के लिए प्रेरित करेगा। इससे कर्मचारियों को उन्नत तकनीकों में दक्षता हासिल होगी और वे जटिल समस्याओं का समाधान कर सकेंगे।
आईटी फर्मों के लिए AI खतरा नहीं, बल्कि नई सेवाओं और उद्योगों में विस्तार का अवसर है। उदाहरण के लिए, हेल्थकेयर, बैंकिंग, रिटेल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स में AI आधारित सॉल्यूशंस की मांग तेजी से बढ़ रही है।
इस प्रकार, भारतीय आईटी कंपनियां न केवल वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिक सकती हैं, बल्कि नई तकनीकों को अपनाकर अपने राजस्व में महत्वपूर्ण वृद्धि भी कर सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि AI के आने से उद्योग अधिक कुशल, स्मार्ट और भविष्य-तैयार होगा।