सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : देश में खुदरा महंगाई दर मई 2026 में बढ़कर 3.93 प्रतिशत पर पहुंच गई है। यह पिछले पांच महीनों में पहली बार है जब महंगाई दर 4 प्रतिशत के करीब पहुंची है। खाने-पीने की वस्तुओं, परिवहन और दैनिक उपयोग की कई सेवाओं की कीमतों में वृद्धि के कारण उपभोक्ताओं पर महंगाई का दबाव बढ़ा है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में खुदरा महंगाई दर 3.16 प्रतिशत थी, जो मई में बढ़कर 3.93 प्रतिशत हो गई। हालांकि यह अभी भी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4 प्रतिशत के लक्ष्य के आसपास है, लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी और परिवहन लागत बढ़ने से महंगाई में उछाल आया है। सब्जियां, फल, दालें और कुछ अन्य आवश्यक वस्तुएं महंगी हुई हैं, जिसका सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ा है। इसके अलावा ईंधन और लॉजिस्टिक्स लागत में वृद्धि का असर भी वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।

अर्थशास्त्रियों का कहना है कि आने वाले महीनों में मानसून की स्थिति और खाद्य आपूर्ति महंगाई की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। यदि कृषि उत्पादन बेहतर रहता है तो खाद्य महंगाई पर नियंत्रण संभव हो सकता है।

महंगाई दर में बढ़ोतरी के बावजूद यह अभी भारतीय रिजर्व बैंक की निर्धारित सीमा के भीतर है, लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों पर सरकार और केंद्रीय बैंक दोनों की नजर बनी हुई है।


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