आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : चाइना कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) पर नजर रखने वाली वाली ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट जेनिफर जेंग ने दावा किया है कि खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के पीछे चीन का हाथ है।
उन्होंने ट्विटर पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा- कनाडा में हुई आतंकी निज्जर की हत्या के पीछे CCP के एजेंट्स थे। चीन ने ऐसा भारत और पश्चिमी देशों के बीच फूट डालने के लिए किया
उन्होंने ये भी दावा किया कि चीन नहीं चाहता कि ताइवान से जुड़ी कोई भी जानकारी या जिनपिंग की मिलिट्री स्ट्रैटजी दुनिया को पता चले इसलिए CCP ने एक प्लान बनाया। प्लान के तहत कुछ CCP एजेंट्स ने निज्जर की हत्या कर दी।
एजेंट्स एजेंट्स ने भारतीयों के लहजे में अंग्रेजी बोलना सीखा था
जेंग ने कनाडा में रहने वाले चीनी यूट्यूबर लाओ डेंग का हवाला देते हुए कहा- CCP मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सिक्योरिटी ने जून में कुछ अधिकारियों को अमेरिका के सिएटल भेजा था। यहां निज्जर की हत्या का प्लान बनाया गया। मकसद एक था- भारत और पश्चिम के बीच दरार डालना।
उन्होंने ने अपने वीडियो में कहा- भारत को फंसाने के लिए निज्जर को मारने वाले एजेंट्स ने भारतीयों के लहजे में अंग्रेजी बोलना सीखा था। निज्जर की हत्या पार्किंग लॉट में हुई थी जिसके बाद CCP एजेंट्स ने सबूत मिटाने के लिए उसकी कार में लगे कैमरे को तबाह कर दिया था। फिर वो कनाडा से फ्लाइट में चीन लौट आए।
निज्जर पर 10 लाख रुपए का इनाम था
18 जून 2023 की शाम कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया स्थित गुरुद्वारा की पार्किंग में खालिस्तान टाइगर फोर्स के चीफ आतंकी हरदीप सिंह निज्जर पर दो युवकों ने फायरिंग कर दी थी। निज्जर की मौके पर ही मौत हो गई। निज्जर को भारत ने भगोड़ा घोषित कर रखा था और इस पर 10 लाख रुपए का इनाम भी था।
3 महीने बाद यानी 18 सितंबर 2023 को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने हाउस ऑफ कॉमन्स यानी वहां की संसद में एक बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जून में ब्रिटिश कोलंबिया में निज्जर की हत्या में भारत सरकार के एजेंट्स का हाथ हो सकता है। ट्रूडो का इशारा भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ की तरफ था।
भारत-कनाडा विवाद पर अब तक अमेरिका का रुख
18 सितंबर को जस्टिन ट्रूडो के भारत पर निज्जर की हत्या का आरोप लगाने के बाद था अमेरिका ने कहा था कि वो दोनों पक्षों के संपर्क में हैं। मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
इसके बाद 22 सितंबर को अमेरिका के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA) जेक सुलिवन ने व्हाइट हाउस में मीडिया से कहा कि वह इस हत्या के मामले में भारत के खिलाफ जांच में कनाडा के प्रयासों का समर्थन करते हैं। सुलिवन ने कहा था कि कोई भी देश हो, इस तरह के कामों के लिए किसी को भी स्पेशल छूट नहीं मिलेगी।
इसी दिन अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा था कि संयुक्त राज्य अमेरिका हत्या पर जवाबदेही चाहता है। ब्लिंकन ने एक प्रेस ब्रीफिंग में संवाददाताओं से कहा था- प्रधानमंत्री ट्रूडो द्वारा लगाए गए आरोपों से हम बेहद चिंतित हैं।
24 सितंबर को न्यूयॉर्क टाइम्स ने दावा किया कि निज्जर की हत्या के बाद अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने कनाडा को इंटेलिजेंस इकट्ठा करने में मदद की थी। इसी के आधार पर कनाडा को यह निष्कर्ष निकालने में मदद मिली कि भारत इसमें शामिल था। हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत पर आरोप लगाते समय कनाडा ने जिस खुफिया रिपोर्ट का हवाला दिया था, वह उसने खुद जुटाई थी।