सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: PNB घोटाले के मुख्य आरोपी मेहुल चोकसी ने कहा कि आपराधिक मुकदमे से बचने के लिए उसने भारत नहीं छोड़ा और न ही देश लौटने से इनकार किया है। चोकसी ने कहा कि भारतीय अधिकारियों ने उसका पासपोर्ट सस्पेंड कर दिया है, इसलिए वह भारत नहीं लौट पा रहा है।
मेहुल चोकसी ने दावा किया कि 2018 में जब प्रवर्तन निदेशालय ने उसे समन जारी किया था और एजेंसी के सामने पेश होने के लिए कहा था, तब उसने अपने जवाब में पासपोर्ट सस्पेंड होने की जानकारी दी थी। स्पेशल PMLA कोर्ट में मेहुल चोकसी ने एक आवेदन के जरिए ये बताया है।
वकील विजय अग्रवाल के जरिए मेहुल चोकसी ने दायर की याचिका
चोकसी ने अपने वकील विजय अग्रवाल के जरिए 22 मई को मुंबई में स्पेशल PMLA कोर्ट के समक्ष ये आवेदन दायर किया। इसमें कहा गया है कि कुछ वजहें उसके कंट्रोल से बाहर हैं।
चोकसी ने याचिका में पासपोर्ट ऑफिस का नोटिस भी अटैच किया है। इसमें बताया गया है कि पासपोर्ट इसलिए सस्पेंड किया गया है, क्योंकि मेहुल चोकसी भारत की सुरक्षा के लिए खतरा है।
इसके अलावा, याचिका में आगे कहा गया है कि उसने किसी भी FIR या ECIR दर्ज होने से बहुत पहले मेडिकल जांच और इलाज के लिए भारत छोड़ दिया था और अपने खिलाफ कोई मुकदमा दायर होने की जानकारी नहीं थी। उसने आपराधिक मुकदमे से बचने के लिए भारत नहीं छोड़ा है।
अदालत ने चोकसी की याचिका पर ईडी से जवाब तलब किया है। मामले की सुनवाई तीन जून तक के लिए स्थगित कर दी है।
2017 में एंटीगुआ-बारबुडा की नागरिकता ली थी
मेहुल चोकसी जनवरी 2018 में विदेश भाग गया था। बाद में पता चला कि वह 2017 में ही एंटीगुआ-बारबुडा की नागरिकता ले चुका था। इस घोटाले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी एजेंसिया चौकसी के प्रत्यर्पण की कोशिश में जुटी हैं।
मेहुल चौकसी खराब सेहत का हवाला देकर भारत में पेशी पर आने से इनकार कर चुका है। कभी-कभी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही उसकी पेशी होती है। भारत में उसकी कई संपत्तियां भी जब्त की जा चुकी हैं।