आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के शेयरहोल्डर्स ने ईशा, आकाश और अनंत अंबानी को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाने के फैसले को मंजूरी दे दी है। शुक्रवार को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने इसके बारे में जानकारी दी। ईशा और आकाश को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाने के पक्ष में 98% से ज्यादा वोट डाले गए हैं।
जबकि, मुकेश अंबानी के सबसे छोटे बेटे अनंत को थोड़ा विरोध झेलना पड़ा। अनंत के नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाने के विरोध में 7.24% वोट पड़े, उनके पक्ष में टोटल 92.75% वोट पड़े। इसी के साथ ही अंबानी परिवार की अगली पीढ़ी की रिलायंस के बोर्ड में ऑफिशियल एंट्री हो गई है।
ISS ने शेयरहोल्डर्स से अनंत का विरोध करने के लिए कहा था
इंस्टीट्यूशनल शेयरहोल्डर सर्विसेज (ISS) ने शेयरहोल्डर्स से अनंत को नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्ति करने के प्रपोजल के खिलाफ वोट करने को कहा था।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ISS ने 12 अक्टूबर को एक नोट में कहा कि इस प्रपोजल के खिलाफ वोट जरूरी है, क्योंकि 28 साल के अनंत अंबानी का लगभग 6 सालों का लिमिटेड लीडरशिप/बोर्ड एक्सपीरियंस, बोर्ड में उनके योगदान पर चिंता और सवाल पैदा करता है।
हालांकि, ISS ने मुकेश अंबानी के बड़े बेटे आकाश और बेटी ईशा अंबानी की रिलायंस के बोर्ड में नियुक्ति का समर्थन किया था।
IIAS ने भी अनंत की बोर्ड में नियुक्ति पर सवाल उठाए
ISS से पहले मुंबई बेस्ड इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स एडवाइजरी सर्विसेज यानी IIAS ने भी अनंत अंबानी की बोर्ड में नियुक्ति पर इसी तरह के सवाल उठाए थे। IIAS ने कहा था कि 28 साल की उम्र में अनंत अंबानी की रिलायंस बोर्ड में नियुक्ति हमारी वोटिंग गाइडलाइंस के अनुरूप नहीं है। वहीं IIAS ने भी आकाश और ईशा को चुनने के प्रस्ताव का समर्थन किया था।
सितंबर में कंपनी ने शेयरहोल्डर्स से मांगी थी मंजूरी
सितंबर में कंपनी ने अपने बोर्ड में तीनों की नियुक्ति के लिए शेयरहोल्डर्स से मंजूरी मांगी थी। इस प्रस्ताव में कंपनी ने यह जानकारी भी दी थी कि रिलायंस के डायरेक्टर के रूप में आकाश, ईशा और अनंत सैलरी नहीं लेंगे। उन्हें बोर्ड और कमेटी मीटिंग्स में शामिल होने के लिए केवल फीस और फर्म के प्रॉफिट पर कमीशन दिया जाएगा।
46वीं AGM में मुकेश अंबानी ने नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाने का किया था ऐलान
मुकेश अंबानी ने 46वीं एनुअल जनरल मीटिंग में अपने तीनों बच्चों को रिलायंस का नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाने का ऐलान किया था। इसके साथ ही बताया था कि नीता अंबानी ने बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है, जिसे एक्सेप्ट कर लिया गया है।
रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन के तौर पर नीता अंबानी RIL बोर्ड बैठकों में शामिल होती रहेंगी। नीता ने रिलायंस फाउंडेशन को ज्यादा समय देने के लिए कंपनी के बोर्ड से इस्तीफा दिया था।