आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : आज यानी 14 जून को मई महीने की थोक महंगाई दर (WPI) के आंकड़े जारी कर दिए हैं। मई में WPI घटकर -3.48% पर आ गई है। इसके साथ ही थोक महंगाई 8 साल के निचले स्तर पर आ गई है। इससे पहले अक्टूबर 2015 में ये -3.81% पर आई थी।

अप्रैल में थोक महंगाई दर -0.92% रही थी। इससे पहले 12 जून को जारी आंकड़ों के अनुसार फुटकर महंगाई दर मई में घटकर 4.25% पर आ गई। यह 25 महीनों में महंगाई का सबसे निचला स्तर है।

मई में खाद्य महंगाई दर घटी

मई में खाद्य महंगाई दर 0.87% से घटकर -0.46% रही है।

रोजाना जरूरत के सामानों की महंगाई दर 1.20% से घटकर -1.13% रही है।

ईंधन और बिजली की थोक महंगाई दर -2.43% से घटकर -2.62% रही है।

मेन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की महंगाई दर -0.07% से बढ़कर -0.35% रही है।

WPI का आम आदमी पर असर

थोक महंगाई के लंबे समय तक बढ़े रहना चिंता का विषय रहता है। ये ज्यादातर प्रोडक्टिव सेक्टर पर बुरा असर डालती है। अगर थोक मूल्य बहुत ज्यादा समय तक ऊंचे स्तर पर रहता है, तो प्रोड्यूसर इसका बोझ कंज्यूमर्स पर डाल देते हैं।

सरकार केवल टैक्स के जरिए WPI को कंट्रोल कर सकती है। जैसे कच्चे तेल में तेज बढ़ोतरी की स्थिति में सरकार ने ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी कटौती की थी। हालांकि, सरकार टैक्स कटौती एक सीमा में ही कम कर सकती है, क्योंकि उसे भी सैलरी देना होता है। WPI में ज्यादा वेटेज मेटल, केमिकल, प्लास्टिक, रबर जैसे फैक्ट्री से जुड़े सामानों का होता है।

अप्रैल 2021 से फुटकर महंगाई सबसे कम

मई में रिटेल महंगाई दर घटकर 4.25% पर आ गई है। यह 25 महीनों में महंगाई का सबसे निचला स्तर है। अप्रैल 2021 में महंगाई 4.23% रही थी। खाने-पीने की चीजों के दाम में गिरावट के कारण महंगाई में यह कमी आई है। इससे पहले अप्रैल 2023 में रिटेल महंगाई दर 4.70% रही थी।