बेंगलुरु। कर्नाटक विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव में सभी 7 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। विधान परिषद चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी और कर्नाटक विधानसभा की सचिव एमके विशालाक्षी ने बताया कि इन 7 सीटों के लिए 3 जून को चुनाव होना प्रस्तावित था, लेकिन शुक्रवार को नामांकन पत्र वापस लेने के अंतिम दिन केवल 7 उम्मीदवार मैदान में बचे।

इसलिए सभी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। इन 7 में से भाजपा के 4, कांग्रेस के 2 और जद (एस) के 1 उम्मीदवार को निर्वाचित घोषित किया गया है। इसके साथ ही कर्नाटक के उच्च सदन में भाजपा के बहुमत हासिल करने का रास्ता साफ हो गया है। निर्वाचित उम्मीदवारों में भाजपा उपाध्यक्ष व पूर्व उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी, पार्टी की राज्य इकाई की सचिव हेमलता नायक व एस केशवप्रसाद और अनुसूचित जाति मोर्चे की राज्य इकाई के अध्यक्ष सी नारायणस्वामी शामिल हैं।

कांग्रेस की तरफ से बेंगलुरु महानगर परिवहन निगम (बीएमटीसी) के पूर्व अध्यक्ष एम नागराजू यादव और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष व पूर्व एमएलसी अब्दुल जब्बार को निर्वाचित घोषित किया गया है। वहीं जद(एस) की ओर से पूर्व एमएलसी टीए श्रवण निर्वाचित हुए हैं। आगामी 14 जून को 7 मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है, जिसके चलते इन सीट पर चुनाव कराए जाने की जरूरत पड़ी।

कर्नाटक​ विधानपरिषद के जिन सदस्यों का कार्यकाल अगले महीने समाप्त होने जा रहा है उनमें भाजपा के लक्ष्मण सावदी और लहर सिंह सिरोया, कांग्रेस के रामप्पा तिम्मापुर, अल्लुम वीरभद्रप्पा तथा वीणा अचैया एस और जनता दल (एस) के एचएम रमेश गौड़ा और नारायणस्वामी केवी शामिल हैं। भाजपा ने लक्ष्मण सावदी को फिर से विधानपरिषद भेजा है, जबकि अन्य तीन सीटों पर नए चेहरों को मौका दिया है। मतदान होने की स्थिति में प्रत्येक उम्मीदवार को जीत के लिए न्यूतम 29 मतों की जरूरत होती।