आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : हैलो! मैं जोडिएक किलर बोल रहा हूं।

अमेरिका के कैलिफोर्निया शहर में ये बात सुनते ही पुलिस समझ जाती थी कि फिर कहीं हत्या हुई है। 1968 से 1974 के बीच एक के बाद एक 37 लोगों के कत्ल हुए, लेकिन पुलिस पहेलियों में फंसी रही। कातिल ऐसा था कि खून करने के बाद पुलिस को फोन करके अपना जुर्म कबूल कर लेता था।

वो पुलिस स्टेशन और अखबारों के दफ्तरों में खत भेजता था। इनमें अजीब से कोड बने होते थे। इन्हें समझ पाना मुश्किल होता था। पुलिस ने इन कोड्स की वजह से इस हत्यारे का नाम ‘जोडिएक किलर’ दिया। जोडिएक अपने शिकार को कभी गोलियों से भूंद देता तो कभी चाकूओं से गोद डालता। उसे लोगों को मारने के लिए किसी वजह की जरूरत नहीं पड़ती थी।

55 साल पहले जोडिएक किलर ने आज ही के दिन पहली हत्या की थी। ये हत्याएं आज भी कैलिफोर्निया शहर के लोगों को डराती हैं।

इस स्टोरी में अमेरिका के सबसे रहस्यमयी सीरियल किलर जोडिएक के 4 खूनी किस्सों के बारे में जानिए …

जोडिएक किलर को पकड़ने की कोशिशें फेल

जोडिएक किलर के खिलाफ पुलिस को कोई सबूत नहीं मिले। वो सिर्फ किलर की तरफ से भेजे लेटर की जांच कर सकते थे। पुलिस ने लेटर डिकोड करने के लिए और किलर को पकड़ने के लिए लोगों की मदद ली। लेकिन सभी कोशिशें फेल हुईं। अप्रैल 1970 में पुलिस को Z13 नाम का एक लेटर भेजा गया था। कहा जा रहा था कि इसमें जोडिएक किलर का नाम है। लेकिन आज तक ये लेटर डिकोड नहीं हो पाया।

इन पर जोडिएक किलर होने का शक

आर्थर लेह एलन नाम के एक शख्स पर जोडिएक किलर होने का शक था। आज तक अमेरिकी पुलिस आर्थर के जोडिएक किलर होने की बात साबित नहीं कर पाई है। ऑर्थर एक स्कूल टीचर था। उस पर 1975 में बच्चों का यौन शोषण करने के आरोप लगा था। 1992 में आर्थर की मौत हो गई थी।

मई 2023 में FBI ने अपने सोर्स के हवाला से कहा था कि गैरी फ्रांसिस पोस्टे नाम का शख्स जोडिएक किलर हो सकता है। गैरी की मौत 2018 में हो चुकी थी। वो अमेरिकी एयरफोर्स में काम करता था। 2016 में गैरी को सस्पेक्ट की लिस्ट में शामिल किया गया था। हालांकि, सबूत नहीं होने के कारण इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई।

पुलिस ने DNA का इस्तेमाल कर क्यों नहीं पकड़ा सीरियल किलर?

आज के समय में पुलिस किसी भी केस को सुलझाने के लिए सबसे पहले DNA टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती है। 1960-70 के दशक में फॉरेंसिक साइंस इतनी एडवांस नहीं थी। जोडिएक किलर अपने पीछे कोई सुराग नहीं छोड़ता था। एकमात्र संभावित DNA सैंपल उसके भेजे गए लेटर के आखिर में चिपके स्टैंप से मिल सकता था। हालांकि, इस लेटर को भी कई लोगों ने टच किया था, तो इसे जोडिएक किलर का DNA सैंपल मानना सही नहीं था।