आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल :  सरकार के मुताबिक नौ वर्षों में देश में डिजिटल ट्रांजैक्शन में 100 गुना बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, डिजिटल सेवाओं में बढ़ोतरी के बावजूद भारत में ब्रांच के माध्यम से बैंकों के कामकाज में कमी नहीं आई है, बल्कि बैंक लगातार ब्रांचों की संख्या बढ़ा रहे हैं।

बैंकिंग प्लेटफार्म बैंक बाजार के आंकड़ों के मुताबिक 2022-23 के दौरान देश में 3,884 बैंक ब्रांच बढ़ गईं। इसमें सरकारी, प्राइवेट बैंकों के अलावा ग्रामीण बैंकों और शेड्यूल्ड कॉमर्शियल बैंक शामिल हैं। वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान देश में 1,54,758 बैंक ब्रांच थीं जो 2022-23 में बढ़कर 1,58,642 हो गईं।

होम लोन और बड़े लेनदेन के लिए बैंक शाखा में जाना पसंद करते हैं लोग

कई प्राइवेट बैंक देश के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में अपनी पहुंच बढ़ा रहे हैं

होमलोन या बड़े निवेश के मामले में लोग बैंकों की ब्रांच में व्यक्तिगत रूप से जाना पसंद करते हैं

सीनियर सिटिजन ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के बजाय बैंक की ब्रांच के जरिए लेनदेन पसंद करते हैं

लॉकर सुविधा के लिए लोगों को बैंकों की शाखाओं की आवश्यकता होती है

लगातार नई शाखाएं खोल रहे हैं कई प्राइवेट बैंक

देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC बैंक ने अगले 2 साल तक देश के टियर2, 3 और 4 शहरों में हर साल 1200-1300 ब्रांच खोलने का फैसला किया है। बीते साल इसने ब्रांचों की संख्या में 23% बढ़ोतरी की थी। बंधन बैंक ने भी लगभग 500 ब्रांचों का इजाफा अपनी कुल संख्या में किया है। अन्य बैंक भी टियर 2-4 शहरों में शाखाएं बढ़ा रहे हैं।