आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मानसून सीजन का तीसरा महीना खत्म होने को आया है, लेकिन देश में इस वक्त सूखा पड़ा हुआ है। बीते एक हफ्ते से पूर्वोत्तर और दक्षिण के कुछ राज्यों को छोड़कर पूरे देश में बारिश रुकी हुई है। देश में सामान्य से 8% कम बारिश हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस समय मानसून पर ब्रेक लगा हुआ है, जो अगले चार से पांच दिन तक बना रहा सकता है।

1 जून को मानसून की शुरुआत होने के बाद से देश के सिर्फ आठ राज्य ऐसे हैं, जहां सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। इनमें जम्मू कश्मीर (11%), हिमाचल प्रदेश (35%), उत्तराखंड (11%), हरियाणा (10%), गुजरात (18%), राजस्थान (16%) और तेलंगाना (12%) शामिल हैं।

21 राज्यों में सामान्य से कम बारिश हुई है। 48% कम बारिश के साथ केरल इस लिस्ट में सबसे आगे है। इसके बाद मणिपुर 46 फीसदी और झारखंड 35 फीसदी के साथ तीसरे नंबर पर हैं। मध्यप्रदेश में 11% कम बारिश के साथ इस सूची में 15वें नंबर पर है।

अगले 24 घंटे कैसे रहेंगे…

2018 के बाद जुलाई में सबसे ज्यादा बारिश, वहीं तीन साल का सबसे बड़ा सूखा

देश में इस बार मानसून सीजन काफी बदला-बदला सा रहा। 1970 के बाद पहली बार दिल्ली, आगरा और वृन्दावन में बाढ़ जैसी स्थिति घोषित की गई। वहीं हरियाणा में पहली बार बाढ़ की स्थिति बनी।

अर्थ साइंस मंत्रालय के डेटा के मुताबिक, इस साल, भारत में 2018 के बाद से जुलाई में सबसे अधिक बारिश हुई तो वहीं, पिछले तीन सालों में यह सबसे सूखा मानसून बना है। इस मानसून सीजन अब तक 7% कम बारिश दर्ज की गई है। अगस्त में अब तक की बारिश 32% कम है।

भारतीय मौसम विभाग भी अगले हफ्ते सितंबर के लिए अपना पूर्वानुमान जारी करने वाला है। हालांकि आईएमडी ने जुलाई के आखिर में मिड-मानसून पूर्वानुमान में अगस्त-सितंबर में सामान्य से कम बारिश की आशंका जताई थी।

बाकी राज्यों का हाल जान लीजिए…

हिमाचल प्रदेश: अगले 6 दिन बारिश का अलर्ट नहीं, मानसून की रफ्तार कम हुई

हिमाचल प्रदेश में सदी की सबसे भीषण तबाही मचाने के बाद मानसून की रफ्तार कमजोर पड़ गई है। पहाड़ों पर पिछले 4 दिनों से बहुत कम बारिश हुई है। अगले 6 दिन भी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। प्रदेशवासियों के लिए यह राहत भरी खबर है।

हरियाणा: 25 दिन से मानसून ब्रेक, 48% तक गिरा बारिश का आंकड़ा

हरियाणा में 25 दिन से चल रहे मानसून के ब्रेक से हालात खराब हो रहे हैं। एक महीने पहले तक प्रदेश में सामान्य से 58 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी। अब यह आंकड़ा 10 प्रतिशत पर सिमट गया है। मानसून में जिन जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, उनकी संख्या बढ़ कर 7 हो गई है।