आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : ओडिशा ट्रेन हादसा दिल दहला देने वाला है। अब तक 261 लोगों की मौत हो चुकी है। 900 से ज्यादा यात्री घायल हुए हैं। हालांकि, रेलवे ने 650 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। शुक्रवार शाम को जब हादसे की खबर आई थी तब किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह इतना भयानक हो सकता है।
शुरुआती खबर में शाम 8 बजे यह जानकारी सामने आई थी कि एक ट्रेन पटरी से उतर गई है। इसमें 30 लोगों के मौत हुई है…. जैसे-जैसे समय बीतता गया, तब पता चला कि दो ट्रेनों की टक्कर हुई है, लेकिन बाद में तीन ट्रेनें टकराने की खबर मिली। देर रात मरने वालों का आंकड़ा 200 के पार कर गया। अब तक ना रेलवे, ना सरकार यह बताने की स्थिति हैं कि यह हादसा कैसे हुआ?
आइए हादसे को सिलेसिलेवार देखते हैं…
- हादसा कब हुआ?
हादसा शुक्रवार शाम 7 बजे भुवनेश्वर से 175 किमी दूर बालासोर के बहानगा बाजार स्टेशन के पास में हुआ।
- पहले एक ट्रेन पटरी से उतरी, दूसरी टकराई…… फिर मालगाड़ी से भिड़ गई
पहले शालीमार-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस डिरेल हुई थी। इसके कुछ डिब्बे दूसरी पटरी पर पलट गए। दूसरी तरफ से आ रही यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस इनसे टकरा गई। इसके बाद दोनों ट्रेन की कुछ बोगियां पटरी से उतर गईं। ये बोगियां दूसरे ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी से जा भिड़ी। कोरोमंडल एक्सप्रेस का इंजन और कुछ बोगियां मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गईं। रातभर बचाव कार्य जारी था। दुर्घटनास्थल पर सबसे पहले स्थानीय लोग पहुंचे।
- वजह अब तक सामने नहीं आई
अभी तक हादसे की वजह साफ नहीं हुई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इसका बारीकी से एनालिसिस किया जाएगा। अभी घायलों की देखभाल करना पहली प्राथमिकता है।
स्थानीय लोगों ने कहा- तेज धमाका सुनाई दिया
स्थानीय लोगों ने शुक्रवार देर रात बताया कि हमने तेज आवाजें सुनीं। कुछ लोग रेलवे ट्रेक की तरफ भागे। देखा तो डिब्बे एक दूसरे पर चढ़े थे। इलेक्ट्रिक लाइन टूटी थी। लोग चिल्ला रहे थे। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेरहामपुर निवासी पीयूष पोद्दार ने बताया कि भगवान की कृपा से हम बच गए। इतना जोरदार झटका लगा कि कुछ लोग छिटकर डिब्बों से बाहर आ गए। स्थानीय लोगों ने मदद करना शुरू कर दी। उस वक्त जिससे जो बन रहा था वह कर रहा था। स्थानीय लोग खींचकर घायल यात्रियों को बाहर निकाल रहे थे।