आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पॉलिसीबाजार डॉट कॉम के टर्म इंश्योरेंस हेड ऋषभ गर्ग देश में कामकाजी महिलाएं बढ़ रही हैं। ऐसी महिलाएं घर का खर्च चलाने में बड़ा योगदान करती हैं। इसके बावजूद टर्म इंश्योरेंस लेने के मामले में महिलाएं अक्सर लापरवाही बरतती हैं। पुरुषों और महिलाओं के इंश्योरेंस कवरेज में बड़ा फर्क है। टर्म पॉलिसी खरीदारों में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 15% ही है, जबकि प्रीमियम 28% तक कम होता है। कामकाजी महिलाओं के लिए भी आय का 10 गुना टर्म कवर जरूरी यदि किसी कमाने वाले सदस्य के साथ कुछ दुर्भाग्यपूर्ण हो जाए तो परिवार उस सदस्य के साथ ही वो आय भी खो देता है जो कर्ज चुकाने, बच्चों की शिक्षा या माता-पिता की देखभाल के काम आती थी। टर्म प्लान एक हद तक इस नुकसान की भरपाई करता है। इसलिए कामकाजी पुरुषों के समान ही कामकाजी महिलाओं को भी सालाना आय का 10 गुना कवर लेना चाहिए।
होममेकर्स भी ले सकती हैं टर्म इंश्योरेंस देश में 15 करोड़ से ज्यादा होममेकर्स हैं। परिवार में उनके योगदान का भी आर्थिक मूल्य होता है। इसलिए गृहिणियों को भी टर्म इंश्योरेंस लेना चाहिए। 18-50 वर्ष की आयु की गृहिणी जो कम से कम 10वीं पास है और जिसकी न्यूनतम घरेलू आय 5 लाख रुपए है, वह 1 करोड़ तक का कवर ले सकती है। पुरुषों से कम प्रीमियम का फायदा उठाएं इंश्योरेंस कंपनियों की टर्म स्कीम में महिलाओं के लिए पुरुषों से कम प्रीमियम रखा गया है। महिलाओं को 9% से 28% तक सस्ता टर्म इंश्योरेंस प्लान मिल सकता है।
महिलाओं के लिए कम प्रीमियम पर उपलब्ध हैं टर्म इंश्योरेंस प्लान (30 साल की कामकाजी पुरुष और महिला के 1 करोड़ रुपए के टर्म इंश्योरेंस के सालाना प्रीमियम का अंतर, निर्धारित शर्तों पर)
टर्म इंश्योरेंस क्या है?
टर्म इंश्योरेंस एक तरह की जीवन बीमा पॉलिसी है जो सीमित अवधि के लिए निश्चित भुगतान दर पर कवरेज देती है। यदि पॉलिसी की अवधि के दौरान बीमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो कवर की राशि नामांकित व्यक्ति को एकमुश्त दी जाती है। यह आपके परिवार को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है।