गफूर बस्ती इलाके में 50000 लोग रहते हैं और इसमें करीब 90 फीसदी आबादी मुस्लिम है।
हल्द्वानी में 50 हजार लोगों के रेलवे की जमीन से बेदखल किए जाने के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल हाई कोर्ट के फैसले पर स्टे लगा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में 7 फरवरी को अगली सुनवाई होगी, तब तक हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने गफूर बस्ती इलाके में नए निर्माण पर भी रोक लगा दी गई है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने उत्तरांचल सरकार और रेलवे को भी नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि 50 हजार लोगों को अचानक हटा नहीं सकते हैं। सरकार को लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए।
गौरतलब है कि हल्द्वानी की गफूर बस्ती इलाके में 78 एकड़ जमीन से 4,365 परिवारों को बेदखल करने का उत्तराखंड हाई कोर्ट ने आदेश दिया है। इस परिवारों ने रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण किया है। हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।
वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील रखेंगे। गौरतलब है कि गफूर बस्ती इलाके में 50000 लोग रहते हैं और इसमें करीब 90 फीसदी आबादी मुस्लिम है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गफूर बस्ती में 5 वार्ड हैं और 25 हजार से ज्यादा मतदाता है। उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद 20 दिसंबर के को स्थानीय प्रसाशन ने समाचार पत्रों में नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें लोगों को 9 जनवरी तक अतिक्रमण खाली करने की सलाह दी गई थी। स्थानीय प्रशासन ने 10 ADM और 30 SDM -रैंक के अधिकारियों को प्रक्रिया की निगरानी करने का निर्देश दिया है.
ऐसा है गफूर बस्ती का पूरा इलाका
पूरे इलाके में 4 सरकारी स्कूल, 10 निजी, एक बैंक, चार मंदिर, दो मजार, एक कब्रिस्तान और 10 मस्जिदें हैं, जो बीते कुछ दशकों में बनी हैं। इस बस्ती के बनभूलपुरा में एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और एक सरकारी स्कूल भी है, जो 100 पहले बना था।