आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की मांग पर उनके सेल में दो कैदी भेजने पर तिहाड़ जेल प्रशासन ने जेल सुपरिनटैंडैंट को कारण बताओ नोटिस भेजा है। दरअसल जैन ने जेल नंबर 7 के सुपरिनटैंडैंट से रिक्वेस्ट की थी कि वे अकेलेपन की वजह से डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। इसलिए उनके साथ दो अन्य कैदियों को रखा जाए, ताकि वे उनसे बात कर सकें।
सुपरिनटैंडैंट ने उनकी मांग पूरी करते हुए दो लोगों को उनके सेल में ट्रांसफर कर दिया। हालांकि, नोटिस आते ही उन्होंने दोनों कैदियों को वापस उनके पुराने सेल में भेज दिया। सूत्रों के मुताबिक, सुपरिनटैंडैंट ने जेल प्रशासन को बताए बिना ही दोनों कैदियों को उनके सेल में ट्रांसफर किया था, जो कि नियमों के खिलाफ है। सुपरिनटैंडैंट के इस कदम से सुरक्षा पर सवाल भी खड़े हो गए हैं।
जैन ने सुपरिनटैंडैंट को भेजी थी एप्लिकेशन
अधिकारियों के मुताबिक, जैन ने अपनी एप्लिकेशन में लिखा था कि वे अकेलेपन की वजह से डिप्रेशन में जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक साइकिएट्रिस्ट ने उन्हें अपना सामाजिक दायरा बढ़ाना को बढ़ाने का है, इसलिए उन्हें दौ कैदियों के साथ रखा जाना चाहिए। उन्होंने वार्ड नंबर 5 से दो कैदियों के नाम भी दिए, जिनके साथ वे सेल में रहना चाहेंगे।
उनकी मांग तुरंत मान ली गई और दोनों कैदियों को उनके सेल में ट्रांसफर कर दिया गया। जेल प्रशासन के मुताबिक, सुपरिनटैंडैंट ने यह फैसला प्रशासन को बताए बिना लिया था। नियमों के मुताबिक, जेल प्रशासन को बताए बिना और उसकी अनुमति के बिना किसी भी कैदी को एक सेल से निकालकर दूसरे सेल में नहीं भेजा जा सकता है।
जेल में बॉडी मसाज लेते और बाहर का खाना खाते दिखे थे जैन
सत्येंद्र जैन पिछले साल जून से तिहाड़ में कैद हैं। नवंबर में सत्येंद्र जैन को जेल में VIP ट्रीटमेंट दिए जाने को लेकर एक जेल अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया था। ED ने एक कोर्ट में जेल का सीसीटीवी फुटेज जमा किया था, जिसमें जैन अपने सेल में बॉडी मसाज लेते और बाहर का खाना खाते दिखाई दे रहे थे।
इस दौरान उनके सेल में दूसरे कैदी बैठे नजर आए थे, जिसकी अनुमति जेल प्रशासन ने नहीं दी थी। उन पर ये आरोप भी लगा था कि उन्होंने मामले के अन्य आरोपियों से मुलाकात करके जांच को प्रभावित किया है।
इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने 24 अगस्त, 2017 को CBI की तरफ से दर्ज की गई FIR को आधार बनाकर जैन के खिलाफ मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में जांच शुरू की थी। उनके साथ पूनम जैन, अजित प्रसाद जैन, सनील कुमार जैन, वैभव जैन और अंकुश जैन के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था।