आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : केंद्र सरकार ने 18 से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है। अब इसको लेकर कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने मंगलवार (5 सितंबर) को कांग्रेस पार्लियामेंट्री स्ट्रैटजी ग्रुप की मीटिंग बुलाई है।
वहीं, आज इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इनक्लूसिव अलायंस (I.N.D.I.A) के सभी (लोकसभा और राज्यसभा) सांसद मिलेंगे। इन सांसदों की मुलाकात मल्लिकार्जुन खड़गे के निवास पर होगी। दोनों ही मुलाकातों का मकसद सरकार को घेरने की रणनीति बनाना है।
विशेष सत्र में 5 बैठकें होंगी
केंद्रीय संसदीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 31 अगस्त को X (टि्वटर) पर पोस्ट में जानकारी दी थी कि सरकार ने 18 से 22 सितंबर तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है। उन्होंने कहा कि संसद के विशेष सत्र (17वीं लोकसभा का 13वां सत्र और राज्यसभा का 261वां सत्र) में पांच बैठकें होंगी। संसद के इस विशेष सत्र के एजेंडे के बारे में अभी तक कुछ भी नहीं कहा गया है।
ममता और नीतीश ने समय से पहले चुनाव की बात कही थी
कुछ दिन पहले ही विपक्ष की तरफ से दावे किए गए कि मोदी सरकार इस बार आम चुनाव समय से पहले करा सकती है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि सरकार लोकसभा चुनाव समय से पहले भी करवा सकती है।
एक देश, एक चुनाव का मुद्दा चर्चा में
एक देश-एक चुनाव के प्रपोजल पर कानूनी पहलुओं की जांच के लिए केंद्र सरकार ने 1 सितंबर को एक कमेटी बनाई है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को इसका अध्यक्ष बनाया गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार इस सेशन के दौरान एक देश एक चुनाव पर बिल ला सकती है।
सरकार की इस पहल पर लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि आखिर एक देश एक चुनाव की सरकार को अचानक जरूरत क्यों पड़ गई। वहीं कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के डिप्टी CM टीएस सिंहदेव ने कहा- व्यक्तिगत तौर पर मैं एक देश एक चुनाव का स्वागत करता हूं। यह नया नहीं, पुराना ही आइडिया है।
कांग्रेस के विरोध के बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, ‘अभी तो समिति बनी है, इतना घबराने की बात क्या है? समिति की रिपोर्ट आएगी, फिर पब्लिक डोमेन में चर्चा होगी। संसद में चर्चा होगी।’