आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 23 मई को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में नया पासपोर्ट जारी करने के लिए याचिका दाखिल की। उनकी याचिका पर कोर्ट में आज सुनवाई होगी। सांसदी जाने के बाद उन्होंने डिप्लोमैटिक पासपोर्ट सरेंडर कर दिया था। अब कांग्रेस नेता ने साधारण पासपोर्ट के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने की गुहार लगाई है।
राहुल गांधी की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि आवेदक मार्च 2023 से संसद का सदस्य नहीं है। उन्होंने अपना डिप्लोमैटिक पासपोर्ट को सरेंडर कर दिया था। अब वे एक नए साधारण पासपोर्ट के लिए आवेदन कर रहे हैं। इसके लिए याचिकाकर्ता कोर्ट से अनुमति और NOC मांग रहे हैं। कोर्ट ने 19 दिसंबर 2015 को राहुल गांधी और अन्य को मामले में जमानत दे दी थी।
इस याचिका पर अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट वैभव मेहता ने नेशनल हेराल्ड मामले में शिकायतकर्ता भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी से राहुल गांधी के आवेदन पर जवाब मांगा है। यह केस दिल्ली की एक अदालत में चल रहा है, जिसे भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ दायर किया था।
28 मई को अमेरिका जाना चाहते हैं राहुल
बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी 28 मई को अमेरिका जाना चाहते हैं। जहां वे स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में एक इवेंट में शामिल होंगे। वहां 29-30 मई को राहुल प्रवासी भारतीयों से मिलेंगे।
राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता क्यों गई
13 अप्रैल 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले कर्नाटक के कोलार में एक रैली के दौरान राहुल गांधी ने कहा था, ‘चोरों का सरनेम मोदी है। सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है, चाहे वह ललित मोदी हो या नीरव मोदी हो चाहे नरेंद्र मोदी।’
इसके बाद सूरत पश्चिम के बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी ने राहुल के खिलाफ मानहानि का केस किया था। उनका कहना था कि राहुल गांधी ने हमारे पूरे समाज को चोर कहा है और यह हमारे समाज की मानहानि है।
इस केस में सूरत की कोर्ट ने 23 मार्च 12.30 बजे राहुल गांधी को 2 साल की सजा सुनाई थी। हालांकि, 27 मिनट बाद उन्हें जमानत मिल गई थी। 24 मार्च दोपहर करीब 2.30 बजे कांग्रेस नेता राहुल गांधी की संसद की सदस्यता रद्द कर दी गई। वह केरल के वायनाड से लोकसभा सदस्य थे। लोकसभा सचिवालय ने पत्र जारी कर इस बात की जानकारी दी। लोकसभा की वेबसाइट से भी राहुल का नाम हटा दिया।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 11 जुलाई 2013 के एक फैसले में कहा था कि अगर कोई भी सांसद या विधायक निचली अदालत में दोषी पाया गया तो वह संसद या विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य होगा। इसी नियम के तहत राहुल की संसद सदस्यता रद्द हुई है।