आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में घोखाधड़ी के मामले में डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार सुबह फुल्टन काउंटी पुलिस के सामने सरेंडर किया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें अरेस्ट कर लिया और फुल्टन काउंटी जेल ले गई। उन्हें पुलिस रिकॉर्ड में कैदी नंबर P01135809 के रूप में दर्ज किया गया।

ट्रम्प की आरोपी की तरह तस्वीर खींची गई (मगशॉट)। 20 मिनट बाद वो जेल से बाहर आ गए। इसी के साथ ट्रम्प अमेरिका के पहले ऐसे राष्ट्रपति बन गए हैं, जिनका कैदियों की तरह मगशॉट लिया गया। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने रिहाई के पहले शर्तों के साथ 2 लाख डॉलर का बॉन्ड भरा।

जेल से बाहर आने के बाद ट्रम्प ने पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा, ‘मैंने कुछ भी गलत नहीं किया।’ ट्रम्प पर जॉर्जिया में राष्ट्रपति चुनाव नतीजों को पलटने के लिए धोखाधड़ी, धमकी देने और जालसाजी के आरोप हैं। उनके अलावा इस मामले में 18 और लोगों को आरोपी ठहराया गया है।

ट्रम्प की 2 साल बाद ट्विटर की वापसी, मगशॉट शेयर किया

एटलांटा में मगशॉट और दूसरी प्रोसीडिंग्स पूरी होने के बाद ट्रम्प ने सोशल मीडिया साइट ट्विटर (X) पर पोस्ट किया। यहां उन्होंने अपना मगशॉट शेयर करते हुए लिखा- इलेक्शन इंटरफेरेंस, नेवर सरेंडर। ट्रम्प ने 2021 के बाद अब पहली बार ट्विटर पर कोई पोस्ट किया है। ट्रम्प के इस पोस्ट पर ट्विटर के CEO एलन मस्क ने भी रिएक्ट किया। उन्होंने इसे नेक्स्ट लेवल बताया।

पुलिस रिकॉर्ड में ट्रम्प के फिंगरप्रिंट्स

NYT के मुताबिक, ट्रम्प को एक कमरे में ले जाकर उनके फिंगरप्रिंट्स भी लिए गए। ये डॉक्यूमेंट्स कोर्ट और पुलिस रिकॉर्ड्स का हिस्सा बनेंगे। ट्रम्प के चीफ ऑफ स्टाफ मार्क मीडोज ने भी सरेंडर किया। 15 अगस्त को एटलांटा की कोर्ट ने चार्जशीट जमा की थी। चार्जशीट में शामिल 41 में से 13 चार्ज में ट्रम्प का नाम शामिल है।

ट्रम्प पर 5 महीने में 4 क्रिमिनल केस दर्ज

कोर्ट ने ट्रम्प को 25 अगस्त तक सरेंडर करने का समय दिया था। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति पर 5 महीने में चार क्रिमिनल केस दर्ज हुए हैं। उनके साथ न्यूयॉर्क के पूर्व मेयर रुडॉल्फ गिउलियानी के ऊपर भी केस दर्ज किया गया है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, चार्जशीट में कहा गया है कि ट्रम्प और उनके साथियों ने जानबूझकर चुनाव के नतीजों को अपने पक्ष में करवाने की कोशिश की।

ट्रम्प पर जालसाजी, धोखाधड़ी के आरोप

BBC के मुताबिक, सभी आरोपियों को एक आपराधिक संगठन बताया गया है और उन पर झूठे बयान देने, जालसाजी, गवाहों को प्रभावित करने, राज्य को धोखा देने की साजिश करने, चोरी और झूठी गवाही के चार्ज लगाए गए हैं। इनमें से सबसे गंभीर चार्ज रैकेटियर और करप्शन ऑर्गेनाइजेशन एक्ट के उल्लंघन का है, जिसमें ट्रम्प को 20 साल जेल की सजा भी हो सकती है।