आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद अमेरिका और यूरोप समेत कई देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। दो महीने पहले जी-7 देशों की बैठक में रूसी जहाज, विमान और रूसी हीरों पर भी पाबंदी लगा दी गई। इससे सूरत में हीरों का कारोबार करीब एक तिहाई घट गया। 10-12 लाख कामगारों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई और करीब 20,000 की छंटनी हो गई।

सूरत की डायमंड इंडस्ट्री का सालाना कारोबार 3.3 लाख करोड़ का है। रूस पर प्रतिबंध के चलते इस इंडस्ट्री का कामकाज 30-35% घट गया है। इसी अनुपात में कंपनियों की कमाई और मजदूरी भी घटी है। गुजरात डायमंड वर्कर्स यूनियन के वाइस प्रेसिडेंट भावेश टांक ने बताया कि 10-12 लाख डायमंड कटिंग-पॉलिशिंग श्रमिकों का रोजगार प्रभावित हुआ है। सालभर में करीब 20 हजार कर्मियों की छंटनी हुई है।

रूस से सीधा कनेक्शन

दुनिया के हर 10 में से 9 रफ डायमंड की कटिंग-पॉलिशिंग सूरत में होती है।

रूस की अलरोसा कंपनी दुनिया के 30% रफ डायमंड का उत्पादन करती है।

सूरत में आने वाले रफ डायमंड में रूस की 40% से ज्यादा हिस्सेदारी है।

अमेरिकी प्रतिबंध की बड़ी मार

अमेरिका ने रूसी हीरे और उनसे बने प्रोडक्ट की बिक्री पर पाबंदी लगा दी है। जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के मुताबिक 2022-23 में भारत के ज्वेलरी एक्सपोर्ट में 33.2% हिस्सेदारी अमेरिका की थी। ऐसे में सूरत में रूसी हीरे से तैयार माल का सबसे बड़ा बाजार बंद हो गया है।

तीन माह में 29.37% घटा डायमंड निर्यात

अप्रैल-जून तिमाही में देश से 36,723 करोड़ रुपए के कट एंड पॉलिश्ड डायमंड का निर्यात हुआ। ये बीते साल की समान तिमाही में निर्यात से 29.37% कम है। ओवरऑल जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात 28.08% घटकर 60,222 करोड़ का रह गया।

आत्महत्या करने लगे हीरा कामगार

तीन महीनों में डायमंड इंडस्ट्री से जुड़े करीब 10 श्रमिकों ने आत्महत्या कर ली है। इनमें से अधिकांश श्रमिक कई पीढ़ियों से यह काम कर रहे हैं। ये ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं, इसलिए ये दूसरे काम नहीं कर सकते। छोटे डायमंड की कटिंग पॉलिशिंग पर उन्हें प्रति डायमंड 6-30 रुपए मिलते हैं। 50 हजार से 4 लाख रुपए में बिकने वाले बड़े डायमंड की पॉलिशिंग के लिए उन्हें 600-1800 रुपए मिलते हैं।