आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : माफिया अतीक अहमद का चैप्टर अभी बंद भी नहीं हुआ था कि मुख्तार अंसारी का नया अध्याय खुल चुका है। शनिवार को गाजीपुर की MP/MLA कोर्ट ने मुख्तार को 10 साल की सजा सुनाई है।
गैंगेस्टर एक्ट का ये मामला 2007 में बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के दो साल बाद दर्ज किया गया था। यह केस राय की हत्या के बाद हुई आगजनी, बवाल और कारोबारी नंद किशोर रुंगटा के अपहरण-हत्या को आधार बनाते हुए पुलिस ने मुख्तार और अफजाल पर दर्ज किया था। अफजाल को भी 4 साल की कैद की सजा सुनाई गई है।
एक वक्त था जब 786 नंबर वाली खुली जीप पर सवार मुख्तार जिस सड़क से गुजरता था, लोग रास्ता बदल लेते थे। एक वक्त था जब योगी आदित्यनाथ पर हमले में मुख्तार का नाम आया था। एक वक्त था जब AK-47 से BJP विधायक पर करीब 400 राउंड गोलियां चलवाने के आरोप लगे।