आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को सांप्रदायिक बताया है। अय्यर ने कहा, ‘जब बाबरी मस्जिद गिराई जा रही थी, उस दौरान नरसिम्हा राव पूजा कर रहे थे। वे भारत को हिंदू राष्ट्र बताते थे। भाजपा के पहले प्रधानमंत्री अटल विहारी बाजपयी नहीं बल्कि पीवी नरसिम्हा राव थे।’
अय्यर ने यह बातें बुधवार को अपनी बुक के लॉन्चिंग प्रोग्राम में कहीं। इस कार्यक्रम में सोनिया गांधी भी मौजूद थीं। इसके बाद एक दूसरे इंटरव्यू में अय्यर ने कहा कि नरसिम्हा बस लालकृष्ण आडवाणी का कहना सुनते रहे। उन्हीं के नेतृत्व में बाबरी मस्जिद और धर्मनिरपेक्षता को बर्बाद किया गया।
अय्यर के इन बयानों पर नरसिम्हा राव के पोते और भाजपा प्रवक्ता एनवी सुभाष ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अपने ही नेताओं को मौत के बाद अपमानित करना कांग्रेस की संस्कृति रही है। वे गांधी परिवार को बढ़ावा देने के लिए ऐसा करते हैं।
एनवी बोले- नरसिम्हा राव ने पूरी जिंदगी कांग्रेस के समर्पित कर दी
एनवी सुभाष ने कहा कि नरसिम्हा राव ने अपनी पूरी जिंदगी कांग्रेस पार्टी के लिए समर्पित कर दी। वे प्रधानमंत्री के तौर पर अपने आर्थिक सुधारों के लिए जाने जाते हैं। आज कांग्रेस उन्हें बदनाम करने के लिए किसी भी स्तर पर गिर सकती है।
मौत के 19 साल बाद मणिशंकर अय्यर उन पर सवाल उठा रहे हैं। इस दौरान सोनिया गांधी भी मौजूद थीं। इससे हमारी उस आशंका को बल मिलता है कि सोनिया गांधी ने जानबूझकर पीवी नरसिम्हा राव के पार्थिव शव को कांग्रेस मुख्यालय में नहीं घुसने दिया था।
अय्यर की आत्मकथा ‘मेमोयर्स ऑफ ए मेवरिक’ लॉन्च हुई
अय्यर की आत्मकथा ‘मेमोयर्स ऑफ ए मेवरिक- द फर्स्ट फिफ्टी इयर्स (1941-1991)’ बुधवार को लॉन्च की गई। इसमें उन्होंने अपनी लाइफ के शुरुआती 50 सालों के अनुभवों के बारे में बताया है।
उन्होंने राजीव गांधी के PM बनने पर लिखा- मैंने सोचा कि एयरप्लेन उड़ाने वाले व्यक्ति अब देश कैसे चलाएगा, लेकिन उनका कार्यकाल देखने के बाद मैंने उनके काम की तारीफ की।
मणिशंकर बोले- पाक के लोग हमें दुश्मन नहीं मानते
बुक लॉन्चिंग प्रोग्राम में मणिशंकर ने पाकिस्तान को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा- पाकिस्तान के लोग हमें दुश्मन नहीं मानते। ये हमारे लिए बहुत बड़ा एसेट (संपत्ति) है। बीते 9 साल से पाकिस्तान से कोई बातचीत नहीं हो रही। इससे वहां की सरकार, आर्मी पर फर्क नहीं पड़ रहा, वहां के लोग परेशान हो रहे हैं। PM नरेंद्र मोदी को छोड़कर करीब-करीब हर प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान से बात की है।
मणिशंकर दिसंबर 1978 से जनवरी 1982 तक कराची में भारत के महावाणिज्य दूत (काउंसल जनरल) थे। 1989 में अय्यर भारतीय विदेश सेवा (IFS) से इस्तीफा देकर कांग्रेस में शामिल हो गए थे।