आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मणिपुर में कुकी और मैतेई समुदाय के बीच आरक्षण को लेकर पिछले 54 दिनों से हिंसा जारी है। इस बीच सेना ने सोमवार को एक वीडियो शेयर किया। 2 मिनट 14 सेकेंड के इस वीडियो में मणिपुर के लोगों से सेना के ऑपरेशन में सहयोग करने की अपील की गई है।
सेना ने कहा है कि सुरक्षाबलों के ऑपरेशन के दौरान ऐसा कई बार हुआ जब कुछ लोगों ने इसमें दखल डालने की कोशिश की। सेना ने कहा- हमारे मानवीय व्यवहार को कमजोरी न समझें। आप हमारा सहयोग करेंगे तभी हम मणिपुर में शांति और कानून-व्यवस्था बहाल कर पाएंगे।
वीडियो जारी करने की वजह…
24 जून को सेना और मणिपुर पुलिस ने ईस्ट इंफाल में एक जॉइंट ऑपरेशन चलाया था। इसमें प्रतिबंधित संगठन कांगलेई यावोल कन्ना लुप (KYKL) के 12 कैडर्स को पकड़ा था। डिफेंस PRO ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया कि सेना ने खुफिया सूचना के बाद इंफाल पूर्व के इथम गांव (एंड्रो से 6 किमी पूर्व) में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था।
लोगों को कोई परेशानी ना हो इसके लिए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। सुरक्षा बलों ने यहां से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद किया और KYKL के 12 कैडर्स को पकड़ा। लेकिन 1200 से 1500 लोगों की भीड़ ने सुरक्षाबलों को घेर लिया।
इस भीड़ का नेतृत्व महिलाएं और कुछ स्थानीय नेता कर रहे थे। ये लोग KYKL के 12 कैडर्स को छोड़ने की मांग कर रहे थे। भीड़ को कोई नुकसान न हो इसे देखते हुए सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन रोक दिया और KYKL के 12 कैडर्स को छोड़ दिया।
हिंसा पर काबू पाने के लिए सुरक्षाबल और पुलिस तामेंगलोंग, इंफाल ईस्ट, बिष्णुपुर, कांगपोकपी, चुराचांदपुर और काकचिंग जिलों में जॉइंट ऑपरेशन चला रही। पुलिस के मुताबिक, हिंसा फैलाने के बाद लोग भागकर गांवों और बंकरों में छुप जाते हैं। रविवार को हिल और वैली दोनों जगह ऐसे 12 बंकरों को नष्ट किया गया।
राज्य के छह जिलों बिष्णुपुर, इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, उखरुल, चूराचांदपुर और कंग्पोक्पी में सेना और पुलिस की कार्रवाई में यहां का ‘भीड़तंत्र’ बाधा डाल रहा है। मैतेई और कुकी समुदाय के लोग अपने-अपने क्षेत्रों में किसी भी गिरफ्तारी और तलाशी का भीड़ के रूप में विरोध करने लगते हैं। कई गांवों में तो सुरक्षा एजेंसियां घुस भी नहीं पाती हैं।
हिंसा में अब तक 131 लोगों की मौत
हिंसा को देखते हुए राज्य में रविवार देर रात को 30 जून तक इंटरनेट पर प्रतिबंध बढ़ा दिया गया है। सर्वदलीय बैठक में गृह मंत्रालय ने हिंसा में अब तक 131 लोगों की मौत की जानकारी दी। वहीं 419 लोग घायल हुए हैं। आगजनी की 5 हजार से ज्यादा घटनाएं हुई हैं। 6 हजार मामले दर्ज हुए हैं और 144 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। राज्य में 36 हजार सुरक्षाकर्मी और 40 IPS तैनात किए गए हैं।