आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत ने 26 जुलाई की रात वर्ल्ड युनिवर्सिटी गेम्स में हिस्सा लेने जा रहे अरुणाचल के एथलीट्स को एयरपोर्ट से ही वापस बुला लिया। इसकी वजह अरुणाचल के खिलाड़ियों के लिए चीन की तरफ से जारी किए गए स्टेपल वीजा बताई गई है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वो चीन की ऐसी हरकतों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे।

दरअसल, स्टेपल वीजा साधारण वीजा से अलग होते हैं। चीन अकसर स्टेपल वीजा उन लोगों के लिए जारी करता है, जिन्हें वो विवादित जगहों का नागरिक मानता है। चीन काफी समय से अरुणाचल को अपना हिस्सा बताता आ रहा है। जबकि भारत चीन के इस दावे का विरोध करता है।

रात में ही टीम वापस बुलाई

रिपोर्ट के मुताबिक वुशु गेम की 11 सदस्यीय भारतीय टीम चीन में वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में शामिल होने के लिए देर रात रवाना होने वाली थी। कोच राघवेंद्र सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया- हमें इमिग्रेशन अधिकारियों और सुरक्षा के लिए तैनात सीआईएसफ ने बोर्डिंग गेट पर ही रोक दिया।

उन्होंने कोई कारण नहीं बताया और कहा कि वे केवल सरकार के निर्देशों पर काम कर रहे थे। बाद में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा- हमारे ध्यान में आया है कि चीन ने एक अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले हमारे कुछ नागरिकों को स्टेपल वीजा जारी किया गया था। यह हमें बिल्कुल मंजूर नहीं है। हमने इस मामले पर चीनी पक्ष के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

स्टेपल वीजा और नॉर्मल वीजा कैसे अलग?

जब किसी व्यक्ति को स्टेपल वीजा जारी किया जाता है तो पासपोर्ट के साथ एक कागज को स्टेपलर की मदद से बांध दिया जाता है। जबकि नॉर्मल वीजा में ऐसा नहीं होता। स्टेपल वीजाधारी जब काम खत्म कर वापस आते हैं तो वीजा के साथ स्टेपल किए गई टिकट को फाड़ दिया जाता है।

यानी व्यक्ति के पासपोर्ट पर इस यात्रा का कोई विवरण दर्ज नहीं होता है। जबकि नॉर्मल वीजा पर यात्रा का विवरण दर्ज होता है। भारतीय वुशु फेडरेशन के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा- चीन की भेदभावपूर्ण कार्रवाई के जवाब में, सरकार ने फैसला किया कि किसी भी भारतीय वुशु खिलाड़ी को प्रतियोगिता के लिए यात्रा नहीं करनी चाहिए।

चीन पहले भी खिलाड़ियों को स्टेपल वीजा जारी कर चुका

चीन क्षेत्रीय विवाद का हवाला देते हुए लगातार अरुणाचल प्रदेश के भारतीय नागरिकों को नॉर्मल वीजा देने से इनकार करता रहा है। 2011 में, राज्य के कराटे के 5 खिलाड़ियों को एक प्रतियोगिता के लिए स्टेपल वीजा दिया गया था।