आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत और चीन के बीच आज कॉर्प्स कमांडर लेवल पर 19वें दौर की बातचीत होगी। इससे पहले सिक्योरिटी एक्सपर्ट रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल संजय कुलकर्णी ने कहा- अगर चीन भारत के साथ बेहतर रिश्ते चाहता है तो LAC पर शांति बेहद जरूरी है। डेमचोक और देपसांग जैसे फ्रिक्शन पॉइंट्स अभी भी हमारी प्राथमिकता हैं।

कुलकर्णी ने उम्मीद जताई है कि ये बातचीत सफल रहेगी और दोनों देश तनाव कम करने की तरफ कदम बढ़ाएंगे। कमांडर स्तर की बातचीत के बाद 22-24 अगस्त के बीच साउथ अफ्रीका में ब्रिक्स समिट होगी। जिसमें PM मोदी के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शामिल होंगे। यहां भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत हो सकती है।

चीन बातचीत करता है, लेकिन वादे पूरे नहीं करता

कुलकर्णी ने कहा- मुझे उम्मीद है कि इस बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रिश्ते सुधरेंगे। एक्सपर्ट ने बताया कि आमतौर पर चीन बातचीत में तो हिस्सा लेता है, लेकिन उस दौरान किए गए वादे कभी पूरा नहीं करता। भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख सेक्टर में चुशुल-मोल्दो मीटिंग पॉइंट पर कोर कमांडर स्तर की 19वें दौर की बातचीत होगी।

वहीं कुछ दिन पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि भारत और चीन जल्द ही सीमा विवाद को लेकर बातचीत करेंगे। सीमा पर तनाव कम करने के लिए भारत और चीन के बीच बातचीत रुकी नहीं है और जल्द ही दोनों देशों के बीच बैठक होगी।

गलवान झड़प के बाद बढ़ा तनाव

भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी पर करीब 3 साल पहले 2020 में हिंसक झड़प हुई थी। इसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे, जबकि 38 चीनी सैनिक मारे गए थे। हालांकि चीन इसे लगातार छिपाता रहा।

गलवान घाटी में दोनों देशों के बीच 40 साल बाद ऐसी स्थिति पैदा हुई थी। गलवान पर हुई झड़प के पीछे की वजह यह थी कि गलवान नदी के एक सिरे पर भारतीय सैनिकों ने अस्थाई पुल बनाने का फैसला लिया था। चीन ने इस क्षेत्र में अवैध रूप से बुनियादी ढांचे का निर्माण करना शुरू कर दिया था। साथ ही, इस क्षेत्र में अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा रहा था।

पाकिस्तान शब्दों की भाषा नहीं जानता

भारत-पाकिस्तान के रिश्तों पर बात करते हुए कुलकर्णी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के लीडर फारूक अब्दुल्ला पर भी हमला किया। दरअसल, अब्दुल्ला ने कहा था कि भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत के जरिए ही रिश्ते सुधारे जा सकते हैं।