आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार रात 15वीं BRICS समिट के तहत होने वाले बिजनेस फोरम इवेंट में शामिल हुए। इस दौरान अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा- भारत बहुत जल्द 5 ट्रिलियन इकोनॉमी बन जाएगा और हम वर्ल्ड का ग्रोथ इंजन बन जाएंगे।
उनके साथ इस मंच पर ब्राजील और साउथ अफ्रीकी प्रेसिडेंट भी मौजूद थे। खास बात ये है कि जोहान्सबर्ग में मौजूद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस इवेंट में शामिल नहीं हुए। हालांकि उनकी गैरमौजूदगी की वजह साफ नहीं हो सकी है।
3 मिनट के भाषण में मोदी ने कहा- हम आपसी भरोसे से ही आगे बढ़ सकते हैं। डिजिटल ट्रांजैक्शन के मामले में भारत अव्वल है। ब्रिक्स देशों को इकोनॉमिक फ्रंट पर सहयोग करना होगा। भारत बहुत जल्द 5 ट्रिलियन इकोनॉमी बन जाएगा और हम वर्ल्ड का ग्रोथ इंजन बन जाएंगे। भारत ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के क्षेत्र में जबरदस्त सुधार किए हैं। मैं ब्रिक्स देशों के इनवेस्टर्स को भारत में निवेश का न्योता देता हूं।
डिप्टी प्रेसिडेंट ने रिसीव किया
इससे पहले मंगलवार दोपहर मोदी जोहान्सबर्ग पहुंचे। यहां उनका स्वागत गार्ड ऑफ ऑनर के साथ किया गया। उन्हें रिसीव करने के लिए साउथ अफ्रीका के उपराष्ट्रपति पॉल शिपोकोसा मैशाटाइल वाटरक्लूफ एयरबेस पहुंचे।
मोदी का स्वागत साउथ अफ्रीका के ट्रेडिशनल ट्राइबल डांस के साथ किया गया। पीएम ने एयरपोर्ट पर भारतीय मूल के लोगों से भी मुलाकात की। PM के होटल पहुंचने पर वहां भारतीय मूल की एक महिला ने उन्हें राखी भी बांधी। PM मोदी 24 अगस्त तक जोहान्सबर्ग शहर में रहेंगे। इस दौरान वो BRICS के कुछ सदस्य देशों के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे।
40 देश BRICS का मेंबर बनने की रेस में
14 साल पहले 2009 में बने ब्रिक्स समूह की बैठक इस बार काफी अहम मानी जा रही है। इसकी एकमात्र वजह इस संगठन का सदस्य बनने के लिए मची होड़ है। लगभग 40 देशों ने संगठन में शामिल होने की इच्छा जाहिर की है।
इनमें सऊदी अरब, तुर्किये, पाकिस्तान और ईरान भी शामिल हैं। इस बार की बैठक का सेंटर पॉइंट समूह का विस्तार ही होगा। हालांकि, इसके पांच सदस्य देशों के बीच अभी इस मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई है।
न्यूज एजेंसी ‘ANI’ की रिपोर्ट के मुताबिक इस बार की बैठक में 45 मेहमान देश शामिल हो सकते हैं। सम्मेलन के बाद अफ्रीका आउटरीच और ब्रिक्स प्लस डायलॉग किया जाएगा। इसमें दक्षिण अफ्रीका की ओर से आमंत्रित अन्य देश शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय के सचिव विनय क्वात्रा के मुताबिक ब्रिक्स समिट में ग्लोबल इकोनॉमिक रिकवरी, जियो पॉलिटिकल चैलेंज और काउंटर टेरेरिज्म पर बातचीत की जाएगी।